नवादा के हिसुआ में धारा 163 लागू, चार कंपनी फोर्स तैनात, डीएम-एसपी खुद सड़कों पर उतरे, इसलिए पूरा इलाका बना छावनी

हिसुआ में सवर्ण महासंग्राम के ऐलान को देखते हुए प्रशासन विशेष रूप से सतर्क है। किसी भी प्रकार की सभा, जुलूस या भीड़ जुटाने की कोशिश पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

Section 163 was imposed in Hisua Nawada
Section 163 was imposed in Hisua Nawada- फोटो : news4nation

Bihar News :  नवादा जिले के हिसुआ में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए प्रशासन ने बीएनएस की धारा 163 लागू कर दी है। क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह मजबूत कर दिया गया है। हिसुआ की सड़कों पर अर्धसैनिक बल, सीआरपीएफ, बीएनपी और बिहार पुलिस की चार कंपनी तैनात की गई है। डीएम रवि प्रकाश और एसपी अभिनव धीमान खुद सड़क पर उतरकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। पुलिस और प्रशासन की टीम लगातार इलाके में गश्त कर रही है।


हिसुआ बाजार में बड़े वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। गया की ओर से आने वाले बड़े वाहनों को हिसुआ में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। ऐसे वाहनों को नारदीगंज होते हुए नवादा की ओर भेजने की व्यवस्था की गई है। वहीं नवादा से गया जाने वाले बड़े वाहनों को भी नारदीगंज के रास्ते भेजा जा रहा है। फतेहपुर होते हुए गया और राजगीर की ओर जाने वाले वाहनों के लिए भी प्रशासन ने रूट व्यवस्था बनाई है।


दरअसल, 1 सितंबर को हिसुआ के चंद्रवंशी नगर में गोलीबारी की घटना हुई थी। इस घटना में पीयूष कुमार की गोली लगने से मौत हो गई थी, जबकि अखिलेश कुमार और चंदन कुमार घायल हुए थे। हत्या का मुकदमा 2 सितंबर को दर्ज किया गया था। वहीं घायल अखिलेश कुमार और चंदन कुमार की ओर से भी अलग मुकदमा दर्ज कराया गया था। घटना के बाद धीरे-धीरे मामला राजनीतिक बयानबाजी तक पहुंच गया।


प्रशासन के अनुसार, विभिन्न नेताओं की बयानबाजी और समाज एवं जाति को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के कारण क्षेत्र का माहौल तनावपूर्ण होने लगा था। इसी को देखते हुए प्रशासन ने सख्ती बढ़ाई और धारा 163 लागू कर दी। आज हिसुआ में सवर्ण महासंग्राम के ऐलान को देखते हुए प्रशासन विशेष रूप से सतर्क है। किसी भी प्रकार की सभा, जुलूस या भीड़ जुटाने की कोशिश पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।


स्थानीय लोगों सुमन कुमार, सुमित कुमार और राजा सिंह का कहना है कि प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्था बिल्कुल उचित है। लोगों का कहना है कि किसी की मौत या घायल होने की घटना पर राजनीतिक बयानबाजी कर माहौल खराब करना सही नहीं है। प्रशासन की सख्ती से क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में है और आम जनता भी सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस-प्रशासन का सहयोग कर रही है। लोगों ने मांग की कि माहौल बिगाड़ने वाले किसी भी व्यक्ति पर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

अमन की रिपोर्ट