सीतामढ़ी में पाकिस्तानी आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़, अखलाक-अरमान के इंस्टाग्राम-व्हाट्सएप से जुड़े थे देशविरोधी तार,MHA की रिपोर्ट पर तगड़ा ऐक्शन

Bihar Crime: बिहार में देशविरोधी गतिविधियों और सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने की एक बेहद खतरनाक और अंतरराष्ट्रीय साजिश का पर्दाफाश हुआ है।ययय

Sitamarhi Terror Scare 2 Held Over Pakistani WhatsApp Links
पाकिस्तानी आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़- फोटो : social Media

Bihar Crime: बिहार में देशविरोधी गतिविधियों और सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने की एक बेहद खतरनाक और अंतरराष्ट्रीय साजिश का पर्दाफाश हुआ है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की रिपोर्ट और खुफिया इनपुट के आधार पर सीतामढ़ी पुलिस ने बुधवार को गाढ़ा थाना क्षेत्र के टकोर गांव में बड़ी छापेमारी कर दो संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान टकोर गांव निवासी मो. अखलाक और मो. अरमान के रूप में हुई है। पुलिस ने आवश्यक पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

पुलिस अधीक्षक  कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के पास से तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। इन डिवाइसों की प्रारंभिक जांच में जो डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, वे बेहद चौंकाने वाले और देश की सुरक्षा के लिए बड़े खतरे की ओर इशारा करते हैं, दोनों आरोपी इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिए पाकिस्तान में बैठे आतंकी नेटवर्क के हैंडलर राणा हसनैन उर्फ राणा हुसैन के सीधे संपर्क में थे। पाकिस्तानी हैंडलर राणा हसनैन इनसे बातचीत करने के लिए व्हाट्सएप के विशेष वन-टाइम ऑडियो कॉल फीचर का इस्तेमाल करता था। इस तकनीक की वजह से बातचीत खत्म होते ही कॉल का डिजिटल रिकॉर्ड अपने आप डिलीट हो जाता था ताकि सुरक्षा एजेंसियां पकड़ न सकें।

प्रथम दृष्टया यह साक्ष्य मिले हैं कि दोनों आरोपी चैट और सोशल मीडिया के जरिए भारत की संवेदनशील सूचनाएं पाकिस्तान साझा कर रहे थे और देश में सांप्रदायिक दंगा फैलाने की फिराक में थे।

यह पूरा संवेदनशील मामला गृह मंत्रालय की सीधी निगरानी में है। देश की सुरक्षा से जुड़े इस बड़े सिंडिकेट को ध्वस्त करने के लिए आईबी  एटीएस और एसटीएफ  की संयुक्त टीमें लगातार बैकएंड पर काम कर रही थीं।पुलिस के अनुसार, जब्त किए गए सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और मोबाइलों को फॉरेंसिक एवं तकनीकी जांच के लिए भेज दिया गया है, ताकि डिलीट किए गए डेटा और चैट को रिकवर किया जा सके।

 पुलिस इस बड़े नेटवर्क से जुड़े अन्य स्थानीय मददगारों और स्लीपर सेल्स की भूमिका की भी गहनता से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां होने की संभावना है।