बिहार में पकड़ाई दो उज्बेकिस्तानी महिलाएं, अवैध रूप से भारत में रहने की आशंका, नेपाल भागने के दौरान धराए

पकड़ी गई महिलाओं की पहचान मखफूजा देखकोनोवा (32) और मफतुना किलिचेवा (35) के रूप में हुई है। दोनों एक ऑटो पर सवार होकर नेपाल जाने की फ़िराक में थी तभी उन्हें पकड़ा गया.

Uzbek women arrested in Bihar
Uzbek women arrested in Bihar - फोटो : news4nation

Bihar News : बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो उज्बेकिस्तान की महिला नागरिकों को हिरासत में लिया है। मामला रक्सौल के हरैया थाना क्षेत्र स्थित भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा का है, जहां दोनों महिलाएं कथित तौर पर नेपाल जाने की कोशिश कर रही थीं। शुरुआती जांच में उनके भारत में अवैध रूप से रहने की आशंका जताई गई है, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस मामले की गहन जांच में जुट गई हैं। जानकारी के अनुसार, कस्टम चौक स्थित मैत्री पुल के पास 47वीं वाहिनी एसएसबी के जवानों ने दोनों महिलाओं को संदिग्ध परिस्थितियों में एक ऑटो से नेपाल की ओर जाते समय रोका। पूछताछ के दौरान संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उन्हें हिरासत में ले लिया गया।


पकड़ी गई महिलाओं की पहचान मखफूजा देखकोनोवा (32) और मफतुना किलिचेवा (35) के रूप में हुई है। रक्सौल के डीएसपी मनीष आनंद ने बताया कि प्रारंभिक जांच में दोनों के भारत में अवैध रूप से रहने की आशंका सामने आई है। आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद एसएसबी ने दोनों को हरैया थाना पुलिस के हवाले कर दिया। हरैया थानाध्यक्ष किशन कुमार पासवान ने बताया कि पुलिस दोनों विदेशी नागरिकों के यात्रा दस्तावेज, भारत में प्रवेश की वैधता, वीजा की स्थिति और भारत में ठहरने की अवधि समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है। इसके साथ ही अन्य केंद्रीय और राज्य जांच एजेंसियां भी दोनों महिलाओं से पूछताछ कर रही हैं।


सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि दोनों महिलाएं भारत में कब और किस उद्देश्य से आई थीं, वे किन-किन स्थानों पर रहीं और नेपाल जाने के पीछे उनका उद्देश्य क्या था। उनके मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की भी जांच की जा रही है, ताकि किसी संभावित नेटवर्क या संदिग्ध गतिविधि का पता लगाया जा सके।


भारत-नेपाल सीमा की संवेदनशीलता को देखते हुए इस मामले को सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, फिलहाल जांच एजेंसियों ने किसी आतंकी या आपराधिक संगठन से संबंध की पुष्टि नहीं की है। मामले की जांच जारी है।