Bihar Crime: गोलियों की तड़तड़ाहट से फिर दहला बिहार, दो गुटों में आमने-सामने हुआ खूनी झड़प, लहूलुहान हुए कई लोग

Bihar Crime: बिहार एक बार फिर गोलियों की गूंज से थर्रा उठा।दो पक्षों के बीच मामूली विवाद देखते-देखते खूनी झड़प में तब्दील हो गया।...

Vaishali Rocked by Gunfire as 2 Groups Clash Several Injured
गोलियों की तड़तड़ाहट से फिर दहला बिहार- फोटो : reporter

Bihar Crime: बिहार एक बार फिर गोलियों की गूंज से थर्रा उठा।वैशाली जिले का हाजीपुर  नगर थाना क्षेत्र के कोनहारा घाट इलाके में बीती रात दो पक्षों के बीच मामूली विवाद देखते-देखते खूनी झड़प में तब्दील हो गया। पहले गाली-गलौज, फिर लाठी-डंडे चले और आखिरकार माहौल ऐसा बना कि पिस्तौल से फायरिंग कर इलाके में दहशत फैला दी गई। इस सनसनीखेज वारदात में मारपीट के दौरान तीन से अधिक लोग घायल हो गए, जिन्हें आनन-फानन में सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक विवाद की जड़ ‘सूखा नशा’ बताया जा रहा है। नशे के कारोबार और लेन-देन को लेकर दो गुटों में पहले से तनातनी चल रही थी। रात होते ही यह रंजिश सड़कों पर आ गई। बताया जा रहा है कि एक पक्ष ने पहले हवाई फायरिंग कर इलाके में खौफ का पैगाम दिया, फिर दूसरे पक्ष के लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया।

घायल युवक ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि रात करीब नौ बजे वह दवा लेने के लिए घर से निकला था। उसी दौरान मिथुन कुमार नामक युवक ने उससे बेवजह गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर मिथुन और उसके साथियों ने उसकी जमकर पिटाई कर दी। शोर सुनकर जब घायल के पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे, तो दोनों गुट आमने-सामने हो गए। इसके बाद कोनहारा घाट रणक्षेत्र में तब्दील हो गया लाठी-डंडे चले, ईंट-पत्थर उड़े और अंत में गोलियां दग दी गईं।

फायरिंग की आवाज सुनते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग घरों के दरवाजे बंद कर दुबक गए। सूचना मिलते ही एसडीपीओ सदर और नगर थाना की पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से तीन खोखा बरामद किया है, जिससे फायरिंग की पुष्टि हुई है।

नगर थानाध्यक्ष ने बताया कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है। वहीं इस वारदात के बाद स्थानीय लोगों में डर का माहौल है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर हाजीपुर की गलियों में यूं सरेआम गोलियां कब तक चलती रहेंगी और कानून का खौफ अपराधियों के दिलों में कब उतरेगा?

रिपोर्ट- ऋषभ कुमार