Bihar News: शहनाइयों के बीच मातम, बेक़ाबू बस ने इकलौते भांजे को कुचला, मौत से मातम में बदली खुशियां

Bihar News: जिस घर में मामा की शादी की रौनक थी, ढोल-नगाड़े और शहनाइयों की गूंज थी, वहीं अचानक चीख-पुकार और मातम का मंजर छा गया।...

Wedding Joy Turns Tragic Bus Crushes Only Nephew
शहनाइयों के बीच मातम- फोटो : reporter

Bihar News: बांका जिले के अमरपुर से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ खुशियों का माहौल पल भर में गम के साये में तब्दील हो गया। जिस घर में मामा की शादी की रौनक थी, ढोल-नगाड़े और शहनाइयों की गूंज थी, वहीं अचानक चीख-पुकार और मातम का मंजर छा गया। एक बेक़ाबू रफ्तार ने मासूम ज़िंदगी को ऐसा रौंदा कि पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया।

मामला अमरपुर थाना क्षेत्र के कुल्हाड़िया मोड़ का है, जहाँ 7 साल का मासूम प्रिंस कुमार एक दर्दनाक हादसे का शिकार हो गया। बताया जाता है कि प्रिंस अपने ननिहाल आया हुआ था, जहाँ उसके मामा की शादी थी। घर में खुशी का आलम था, हर तरफ जश्न का माहौल मगर किसे पता था कि यह जश्न चंद पलों में जनाज़े में बदल जाएगा।

सुबह के वक्त प्रिंस सड़क किनारे एक दुकान से कुरकुरे लेकर वापस घर लौट रहा था। तभी देवघर से भागलपुर की ओर जा रही एक तेज रफ्तार बस, जो मानो “कातिल मशीन” बन चुकी थी, अचानक बेकाबू हो गई और मासूम को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बच्चा सड़क पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़ा। आसपास के लोग बदहवास हालत में दौड़े, उसे उठाकर अस्पताल ले जाने की कोशिश की, मगर ज़ख्म इतने गहरे थे कि उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।

प्रिंस अपने मां-बाप का इकलौता बेटा था, तीन बहनों का अकेला भाई घर का चिराग। उसके पिता पंकज मलिक पीरपैंती नगर पंचायत में सफाई कर्मी हैं। बेटे की मौत की खबर सुनते ही मां बेसुध हो गई, बहनों की चीखें सुनकर हर किसी का दिल कांप उठा। जिस आंगन में शादी के गीत गूंज रहे थे, वहां अब मातमी सन्नाटा और आंसुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।

हादसे के बाद बस चालक ने मौके से फरार होने की कोशिश की, लेकिन गुस्साए ग्रामीणों ने “इंसाफ का पीछा” नहीं छोड़ा। लोगों ने बस का पीछा किया और भागलपुर रोड पर कजरेली के पास उसे घेर कर पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे अमरपुर थाना के दरोगा पंकज मांझी और बसंत कुमार पांडे ने हालात को काबू में किया और आरोपी चालक को हिरासत में लिया।

रिपोर्ट- चंद्रशेखर भगत