बंगाल के चुनावी नतीजों ने किया विभाजनकारी राजनीति का अंत, टीएमसी की करारी हार पर बीजेपी नेता ऋतुराज का विपक्ष पर करारा प्रहार
Politics : पांच राज्यों में हुए विधान सभा चुनाव के आज मतगणना का कार्य चल रहा है। इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी की करारी हार पर बीजेपी विपक्ष पर हमले करने शुरु कर दिए है। बीजेपी नेता ऋतुराज ने बीजेपी की जीत को लेकर विपक्ष पर ..
Patna : भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा ने पश्चिम बंगाल सहित चार राज्यों के चुनाव परिणामों पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि आज के परिणाम यह सिद्ध करते हैं कि भारत की राजनीति से 'वोट बैंक' और 'तुष्टिकरण' का दौर अब हमेशा के लिए समाप्त हो चुका है। श्री सिन्हा के अनुसार, जनता ने विभाजनकारी नीतियों को नकारते हुए राष्ट्रवाद और सुशासन के पक्ष में अपना स्पष्ट जनादेश दिया है।
ममता सरकार की विदाई पर तंज
पश्चिम बंगाल के नतीजों पर चर्चा करते हुए ऋतुराज सिन्हा ने कहा कि ममता बनर्जी की सत्ता से विदाई इस बात का जीवंत प्रमाण है कि जनता अब उस मॉडल को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी, जहाँ अल्पसंख्यक तुष्टिकरण के नाम पर बहुसंख्यक समाज के साथ भेदभाव किया जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बंगाल की माताओं-बहनों ने अपनी असुरक्षा और युवाओं ने अपने भविष्य के साथ हुए खिलवाड़ का पाई-पाई का हिसाब 'वोट की चोट' से चुकता कर दिया है।
दक्षिण भारत में 'सनातन' के अपमान पर पलटवार
श्री सिन्हा ने तमिलनाडु और केरल के राजनीतिक परिदृश्य पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जो लोग 'सनातन धर्म' और भारतीय संस्कृति को अपमानित कर अपनी राजनीति चमका रहे थे, उन्हें जनता ने कड़ा सबक सिखाया है। उनके अनुसार, दक्षिण भारत अब परिवारवाद और छद्म-धर्मनिरपेक्षता के चंगुल से आजाद होकर राष्ट्रवाद की मुख्यधारा से जुड़ रहा है, जो भारतीय लोकतंत्र के लिए एक सुखद संकेत है।
'इंडी गठबंधन' पर करारा तमाचा
विपक्षी एकजुटता पर निशाना साधते हुए भाजपा नेता ने कहा कि यह प्रचंड जनादेश 'इंडी गठबंधन' के उन दलों के मुंह पर करारा तमाचा है, जो जाति और धर्म के नाम पर समाज को बांटने का मुगालता पाले हुए थे। उन्होंने कहा कि भारत की जनता ने साफ संदेश दे दिया है कि उन्हें विभाजनकारी राजनीति नहीं, बल्कि सुरक्षित माहौल और विकास चाहिए। जो दल आज भी 'वोट जिहाद' जैसे हथकंडों के भरोसे बैठे हैं, उनकी विदाई तय है।
सुशासन के नए युग की शुरुआत
अंत में ऋतुराज सिन्हा ने दोहराया कि अब देश में केवल वही दल और नेता टिक पाएंगे जो “सबका साथ, सबका विकास” के पथ पर चलेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि तुष्टिकरण की राजनीति का चैप्टर अब इस देश में हमेशा के लिए क्लोज़ हो चुका है और भारत अब सुशासन के एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। इन परिणामों ने आगामी राष्ट्रीय राजनीति की दिशा और दशा दोनों तय कर दी है।