जिमखाना क्लब को खाली करने का निर्देश पर भड़की पूर्व आईपीएस किरण बेदी, केंद्र सरकर को दे दी नसीहत

Gymkhana Club
Gymkhana Club- फोटो : news4nation

 केंद्र सरकार ने राजधानी दिल्ली के लुटियंस इलाके में स्थित ऐतिहासिक दिल्ली जिमखाना क्लब को परिसर खाली करने का निर्देश दिया है। सरकार के इस फैसले के बाद क्लब की सदस्यता और इससे जुड़े विवादों पर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। इस क्लब की स्थापना अंग्रेजों के जमाने में हुई थी, जहां कभी भारतीयों के आने पर पाबंदी थी। आज यह जगह सत्ता और सामाजिक प्रतिष्ठा का बड़ा प्रतीक मानी जाती है।


किरण बेदी ने फैसले को बताया दुखद

केंद्र सरकार के इस फैसले पर पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर एक पोस्ट शेयर करते हुए इस कदम की कड़ी आलोचना की। किरण बेदी ने लिखा, "यह बहुत बुरा और सच में बेहद दुखद है। मुझे उम्मीद है कि इस प्रस्ताव पर दोबारा विचार किया जाएगा।"


क्लब से जुड़ा है पुराना इतिहास

किरण बेदी ने क्लब की पुरानी यादों को ताजा करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय अरुण जेटली को भी याद किया। उन्होंने लिखा कि अरुण जेटली ने अपने समय में यहाँ एक नया पूल बनवाया था। इस क्लब में कई बेहतरीन टेनिस मैच खेले गए हैं। उन्होंने आगे कहा, "इस जगह से बहुत सारा इतिहास, बहुत सारी यादें और कई पीढ़ियों का बेहतरीन खेल जुड़ा हुआ है।"


विरासत को बचाने की अपील

पूर्व आईपीएस अधिकारी ने जोर देकर कहा कि दिल्ली जिमखाना क्लब सिर्फ एक जमीन या प्रॉपर्टी नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्थागत और खेल जगत की विरासत का एक अहम हिस्सा है। उन्होंने अपनी पोस्ट के आखिर में लिखा, "बदलाव जरूरी हो सकता है, लेकिन हमें अपने इतिहास और विरासत को सोच-समझकर बचाना चाहिए। हम इसे खत्म करने के बजाय, वहां कुछ नया जोड़ने की योजना भी बना सकते हैं।"


27.3 एकड़ में फैला है जिमखाना क्लब

आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत आने वाले भूमि और विकास कार्यालय ने सफदरजंग रोड पर स्थित 27.3 एकड़ में फैले जिमखाना क्लब को अपने कब्जे में लेने के लिए उसे खाली करने का आदेश दिया है। आदेश में कहा गया है कि राष्ट्रीय राजधानी के एक बेहद संवेदनशील और रणनीतिक इलाके में स्थित यह जमीन का टुकड़ा रक्षा ढांचे को मजबूत और सुरक्षित बनाने के लिए बेहद जरूरी है। आदेश के मुताबिक, भूमि और विकास कार्यालय 5 जून को इस पर कब्जा ले लेगा। आदेश में कहा गया है कि आपको निर्देश दिया जाता है कि आप बताई गई तारीख को इस कार्यालय के प्रतिनिधियों को परिसर का कब्जा सौंप दें। यदि आप इसका पालन नहीं करते हैं तो कानून के अनुसार कब्जा ले लिया जाएगा।

3 जुलाई 1913 को स्थापित हुआ था

3 जुलाई 1913 को इंपीरियल दिल्ली जिमखाना क्लब को स्थापित किया गया था। इसे औपनिवेशिक प्रशासकों और सैन्य अधिकारियों की सेवा के लिए बनाया गया था। 1947 में आजादी के बाद इंपीरियल शब्द हटा दिया गया। क्लब के सचिव को 22 मई को भेजे गए आदेश पत्र में कहा गया है कि यह परिसर 'इंपीरियल दिल्ली जिमखाना क्लब लिमिटेड' को एक सामाजिक और खेल क्लब चलाने के खास मकसद से लीज पर दिया गया था। यह जमीन जरूरी संस्थागत जरूरतों, शासन के बुनियादी ढांचे और जनहित के प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए बहुत जरूरी है।