Bihar News: पलायन थमेगा, रोजगार बढ़ेगा? अब AI का हब बनेगा बिहार! 'बिहार पवेलियन' बना ग्लोबल इन्वेस्टर्स की पहली पसंद, जानिए आखिर क्या है खास?
Bihar News: केंद्रीय राज्य मंत्री (जल शक्ति मंत्रालय) डॉ. राज भूषण चौधरी ने शुक्रवार को बिहार पवेलियन का दौरा किया। उन्होंने विभिन्न स्टार्टअप्स और टेक कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर निवेश अवसरों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि, बिहार पारंपरिक व
Bihar News: भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट एंड एक्सपो 2026 में इस बार बिहार पवेलियन निवेशकों के आकर्षण का केंद्र बनकर उभरा। बिहार सरकार ने राज्य की AI आधारित नीतियों, उभरते स्टार्टअप इकोसिस्टम और निवेश संभावनाओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। देश-विदेश से आए निवेशकों ने राज्य के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किल डेवलपमेंट मॉडल और तेजी से बढ़ते टेक सेक्टर में गहरी दिलचस्पी दिखाई। अधिकारियों ने बताया कि बिहार में विकसित हो रहे डेटा सेंटर, प्रशिक्षित मानव संसाधन और कम लागत वाले संचालन ढांचे के कारण टेक कंपनियों के लिए राज्य एक अनुकूल गंतव्य बनता जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री का दौरा
केंद्रीय राज्य मंत्री (जल शक्ति मंत्रालय) डॉ. राज भूषण चौधरी ने शुक्रवार को बिहार पवेलियन का दौरा किया। उन्होंने विभिन्न स्टार्टअप्स और टेक कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर निवेश अवसरों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि, बिहार पारंपरिक विकास मॉडल से आगे बढ़कर टेक्नोलॉजी आधारित विकास की दिशा में अग्रसर है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से जल प्रबंधन, कृषि उत्पादकता और शहरी सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी
राज्य निवेशकों के लिए सुरक्षित और संभावनाओं से भरा गंतव्य है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार सिंगल विंडो क्लीयरेंस, मजबूत आधारभूत संरचना और नीति आधारित प्रोत्साहन के जरिए निवेश प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बना रही है। समिट के दौरान कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने बिहार में AI आधारित परियोजनाएं स्थापित करने में रुचि दिखाई। एग्री-टेक, हेल्थ-टेक, स्मार्ट वाटर मैनेजमेंट और एजुकेशन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में विशेष संभावनाएं तलाश की जा रही हैं।

रोजगार और इनोवेशन को बढ़ावा
Tiger Analytics के CEO और संस्थापक महेश कुमार ने कहा कि कंपनी ने बिहार में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने में रुचि दिखाई है। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री-ओरिएंटेड ट्रेनिंग के जरिए युवाओं को AI और डेटा एनालिटिक्स में वैश्विक स्तर की स्किल दी जा सकती है, जिससे रोजगार और इनोवेशन दोनों को बढ़ावा मिलेगा।

प्रशासनिक सुधार और रोजगार पर जोर
बिहार सरकार के सचिव (मध निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग) अजय यादव (आईएएस) ने कहा कि राज्य में बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम और युवाओं की बड़ी आबादी टेक सेक्टर के लिए मजबूत आधार तैयार कर रही है। सरकार AI को प्रशासनिक प्रक्रियाओं में शामिल कर पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।

रोजगार सृजन
ऊर्जा विभाग के CMD मनोज कुमार सिंह ने कहा कि AI और नई तकनीकों में निवेश से राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा। स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। बिहार पवेलियन की सक्रिय भागीदारी ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य अब टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के जरिए आर्थिक परिवर्तन की नई कहानी लिखने को तैयार है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में AI क्षेत्र में बिहार देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है।