पद से हटाए जाएंगे मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ! विपक्ष के इतने सांसदों ने किया हस्ताक्षर
Gyanesh Kumar : भारत के इतिहास में पहली देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष संसद के दोनों सदनों—लोकसभा और राज्यसभा—में उन्हें पद से हटाने के लिए प्रस्ताव का नोटिस दे सकता है। अगर यह नोटिस दिया जाता है तो यह पहली बार होगा जब किसी मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने के लिए संसद में औपचारिक पहल की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, इस नोटिस को पेश करने के लिए आवश्यक हस्ताक्षर जुटाने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। बताया जा रहा है कि लोकसभा में दिए जाने वाले नोटिस पर लगभग 120 सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं, जबकि राज्यसभा के लिए करीब 60 सांसदों के हस्ताक्षर जुटाए गए हैं। इन सभी सांसदों का संबंध विपक्षी दलों के INDIA Alliance से बताया जा रहा है।
नियमों के मुताबिक, लोकसभा में ऐसा प्रस्ताव लाने के लिए कम से कम 100 सांसदों और राज्यसभा में 50 सांसदों के हस्ताक्षर आवश्यक होते हैं। ऐसे में आवश्यक संख्या पूरी होने के बाद यह नोटिस गुरुवार को दोनों सदनों के सभापति को सौंपा जा सकता है।
दरअसल, विपक्षी दल लंबे समय से भारत निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि आयोग के कुछ फैसलों से सत्तारूढ़ भाजपा को फायदा पहुंच रहा है। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भी विपक्ष ने कई बार आपत्ति जताई है और आरोप लगाया है कि इस प्रक्रिया का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है।
यदि पद से हटाने का प्रस्ताव स्वीकार किया जाता है, तो इसके बाद दोनों सदनों के सभापति एक तीन सदस्यीय समिति का गठन करेंगे। यह समिति संबंधित आरोपों की जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाने की कार्रवाई की जा सकती है। यह पूरी प्रक्रिया 1968 के संबंधित अधिनियम के तहत संचालित होती है।