Parliament Budget Session: संसद का सत्र 28 जनवरी से होगा शुरु, रविवार को केंद्रीय बजट पेश करेंगी वित्त मंत्री ! जानिए क्या क्या होगा खास

Parliament Budget Session: संसद का सत्र 28 जनवरी से शुरु होगा। मोदी 3.0 का दूसरा पूर्ण बजट 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी। 1 फरवरी को रविवार है ऐसे में आइए जानते हैं रविवार को संसद में कैसे बजट पेश होगा..

बजट सत्र
बजट सत्र 28 जनवरी से - फोटो : social media

Parliament Budget Session: केंद्र की मोदी सरकार अपने तीसरे कार्यकाल का दूसरा पूर्ण बजट पेश करने के लिए तैयार है। 28 जनवरी से संसद का बजट सत्र शुरु होगा। जानकारी अनुसार 1 फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी। बजट सत्र को लेकर तैयारियां शुरु हो गई है। हालांकि फिलहाल इन तारीखों की औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। 

1 फरवरी को बजट पेश करेंगी वित्त मंत्री 

बता दें कि, बजट सत्र संसद का पहला और सबसे महत्वपूर्ण सत्र होता है। इसकी शुरुआत दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति के अभिभाषण से होती है। इसके बाद आर्थिक एजेंडे पर चर्चा और केंद्रीय बजट पेश किया जाता है। पिछले कई वर्षों से केंद्र सरकार 1 फरवरी को ही केंद्रीय बजट पेश करती आ रही है। इस वर्ष 1 फरवरी रविवार के दिन पड़ रही है, लेकिन इसके बावजूद सरकार के बजट की तारीख में बदलाव करने की संभावना कम है। 

29 जनवरी को पेश होगा आर्थिक सर्वेक्षण 

माना जा रहा है कि वित्तीय प्रक्रियाओं में निरंतरता और निश्चितता बनाए रखने के लिए सरकार तय तारीख पर ही बजट पेश करेगी। अब सभी की निगाहें सरकार के अंतिम निर्णय पर टिकी हैं, जिस पर बजट सत्र की औपचारिक घोषणा की जाएगी। मिली जानकारी अनुसार 29 जनवरी को लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा। जिसमें देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति विकास दल और आने वाली चुनौतियों का खाका पेश किया जाएगा। 

रविवार को पेश हुआ है बजट 

गौरतलब है कि देश में इससे पहले भी रविवार के दिन केंद्रीय बजट पेश किया जा चुका है। वर्ष 1999 में तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने रविवार 28 फरवरी को संसद में बजट प्रस्तुत किया था। ऐसे में इस बार भी रविवार को बजट पेश किए जाने की परंपरा दोहराए जाने की पूरी संभावना है। ज्ञात हो कि, भारत में लंबे समय तक केंद्रीय बजट 28 फरवरी को ही पेश किया जाता रहा। हालांकि वर्ष 2017 में मोदी सरकार ने इस परंपरा में बदलाव करते हुए बजट पेश करने की तारीख 1 फरवरी तय कर दी।

मध्यम वर्ग को मिल सकता है राहत 

सरकार का तर्क था कि बजट जल्दी पेश होने से नई योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और संबंधित विभागों को वित्तीय वर्ष की शुरुआत से पहले पर्याप्त तैयारी का समय मिल सकेगा। इस बार के केंद्रीय बजट से यह उम्मीद की जा रही है कि सरकार आर्थिक रफ्तार को बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाएगी। साथ ही मध्यम वर्ग को भी कुछ राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है, जो ऊंचे कर, बढ़ती महंगाई और घरेलू खर्च के बढ़ते दबाव से लगातार जूझ रहा है।