पप्पू यादव की सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई : हाई कोर्ट में लंबित याचिका पर जल्द सुनवाई की उम्मीद, बिश्नोई गैंग से मिली धमकियों का है मामला

Delhi/Patna : पूर्णिया सांसद पप्पू यादव सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर आज सुनवाई हुई। पप्पू यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने कहा है कि जल्द सुनवाई के लिए वे हाईकोर्ट में आवेदन कर सकते है...

पप्पू यादव की सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई : हाई कोर्ट मे
पप्पू यादव को SC से बड़ी राहत- फोटो : धीरज सिंह

Delhi/Patna : बिहार के पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से मिल रही जान से मारने की धमकियों के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। सांसद द्वारा दायर याचिका में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की गई थी। भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिकाकर्ता को यह राहत दी कि वे हाई कोर्ट में जल्द सुनवाई के लिए आवेदन कर सकते हैं।


सुरक्षा की 'Y श्रेणीको बताया नाकाफी 

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील शादान फरासत और अधिवक्ता कनिष्क अरोड़ा ने बेंच को अवगत कराया कि सांसद को फिलहाल केवल 'Y कैटेगरी' की सुरक्षा मिली हुई है, जिसमें मात्र दो सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। वकीलों ने दलील दी कि सांसद को मिल रही धमकियां काफी गंभीर हैं और उनके परिवार के एक सदस्य पर हमले की कोशिश भी हो चुकी है। ऐसे में वर्तमान सुरक्षा घेरा उनकी जान की हिफाजत के लिए पर्याप्त नहीं है।


हाई कोर्ट में सुनवाई न होने पर जताई चिंता 

कोर्ट को बताया गया कि पप्पू यादव की सुरक्षा से जुड़ी यह याचिका 19 नवंबर 2024 से पटना हाई कोर्ट में लंबित है, लेकिन बार-बार अनुरोध के बावजूद इस पर सुनवाई नहीं हो पा रही है। अधिवक्ताओं ने यह भी दावा किया कि हाई कोर्ट का नोटिस ऑर्डर तक पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया है, जिसके कारण कानूनी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रशासनिक विलंब को संज्ञान में लिया।


सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप और निर्देश 

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह आम तौर पर हाई कोर्ट में लंबित मामलों में सीधे हस्तक्षेप नहीं करता, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए कोर्ट ने रास्ता निकाला। बेंच ने कहा कि याचिकाकर्ता हाई कोर्ट में अपनी याचिका की 'अर्ली हियरिंग' (जल्द सुनवाई) के लिए आवेदन दे सकते हैं। शीर्ष अदालत ने उम्मीद जताई कि उच्च न्यायालय इस मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए उचित और त्वरित निर्णय लेगा।


मीडिया प्रभारी ने बताया असाधारण स्थिति 

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद के मीडिया प्रभारी ने इसे एक असाधारण स्थिति करार दिया। उन्होंने कहा कि एक मौजूदा सांसद को गंभीर धमकियां मिल रही हैं और उनकी याचिका महीनों तक सूचीबद्ध नहीं होना चिंताजनक था। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि यह संकेत है कि न्याय की प्रक्रिया को अब और अधिक अनदेखा नहीं किया जा सकता और सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई अनिवार्य है।


धीरज की रिपोर्ट