Waqf Amendment Bill: लोकसभा में आधी रात को पास हुआ वक्फ संशोधन बिल, पक्ष विपक्ष में पड़े इतने वोट, आज राज्यसभा में होगा पेश

Waqf Amendment Bill: लोकसभा में बुधवार को ऐतिहासिक सत्र चला। विपक्ष के हंगामे के बीच आधी रात को 1 बजे लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पारित हुआ। वहीं आज राज्यसभा में वक्फ संशोधन बिल पेश किया जाएगा....

वक्फ संशोधन बिल
Waqf Amendment Bill passed in Lok Sabha- फोटो : social media

Waqf Amendment Bill: बिहार विधानसभा चुनाव होने में अब कुछ ही समय बचा है। ऐसे में पार्टियों के द्वारा वोटरों को लुभाने की कोशिश की जा रही है। लेकिन इसी बीच वक्फ संशोधन बिल को लेकर भी देशभर में सियासत जारी है। बीते दिन लोकसभा में 12 घंटे तक चली मैराथन चर्चा के बाद वक्फ संशोधन विधेयक पर मुहर लग गई। वहीं आज राज्यसभा में वक्फ संशोधन बिल पेश किया जाएगा। लोकसभा में विधेयक के पक्ष में 288 वोट तो विपक्ष में 232 वोट पड़े। रात में करीब 1 बजे यह बिल पास हुआ। बीते दिन का सत्र ऐतिहासिक रहा, दोपहर से लेकर आधी रात तक सदन चला। 

रात 1 बजे पास हुआ बिल 

दरअसल, लोकसभा में बुधवार-गुरुवार की मध्यरात्रि लगभग 1 बजे वक्फ संशोधन विधेयक बहुमत से पारित कर दिया गया। करीब 12 घंटे तक चली मैराथन चर्चा के बाद विधेयक के पक्ष में 288 वोट पड़े, जबकि 232 सांसदों ने इसका विरोध किया। जदयू, लोजपा और टीडीपी ने भी इस विधेयक का समर्थन किया। अब यह गुरुवार यानी आज राज्यसभा में पेश किया जाएगा।

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गृह मंत्री ने किया विपक्ष पर हमला

बुधवार दोपहर केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विधेयक को लोकसभा में पेश किया। चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वोट बैंक की राजनीति के लिए यह डर फैलाया जा रहा है कि वक्फ विधेयक मुसलमानों की धार्मिक संपत्तियों में हस्तक्षेप है। शाह ने स्पष्ट किया कि यह पूर्व प्रभाव से लागू नहीं होगा, बावजूद इसके विपक्ष इसे मुस्लिम समुदाय को डराने के लिए इस्तेमाल कर रहा है। गृह मंत्री ने कहा कि इस संशोधन विधेयक का उद्देश्य औने-पौने दाम पर वक्फ की जमीन को 100 साल के लिए किराए पर देने वालों पर लगाम लगाना है। उन्होंने 2013 के वक्फ कानून को चरम तुष्टीकरण का परिणाम बताते हुए कहा कि अगर उस समय सही निर्णय लिए जाते, तो आज इस संशोधन की जरूरत नहीं पड़ती।

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‘उम्मीद’ नाम से पेश किया गया विधेयक

विधेयक को पेश करते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे "उम्मीद" (यूनिफाइड वक्फ मैनेजमेंट, इम्पावरमेंट, इफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट) नाम दिया। उन्होंने कहा कि सरकार और वक्फ बोर्ड मस्जिद या किसी अन्य धार्मिक संस्था के कार्यों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे। रिजिजू ने यह भी बताया कि भारत में 8.72 लाख वक्फ संपत्तियां हैं, जो दुनिया में सबसे अधिक हैं। इसके बावजूद, इतने सालों तक गरीब मुस्लिम समुदाय के उत्थान और शिक्षा के लिए सही कदम क्यों नहीं उठाए गए, यह सवाल उठता है।

विपक्ष ने जताई आपत्ति, जदयू ने किया समर्थन

लोकसभा में जदयू सांसद और पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) ने विधेयक को अपनी पार्टी का पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस विधेयक पर भ्रम फैलाकर देश का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, विधेयक का विरोध भी सामने आया। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कार्यकारी सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने इसे वक्फ संपत्तियों के लिए नुकसानदेह बताया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक धार्मिक संपत्तियों की सुरक्षा के बजाय उन्हें कमजोर करने वाला है। अब सबकी नजरें राज्यसभा पर हैं, जहां इस विधेयक को गुरुवार को पेश किया जाएगा।