Venus Transit 2026: 13 जनवरी को मकर राशि में शुक्र हुए प्रवेश, इन 3 राशियों के लिए नहीं रहेगा शुभ, जानें कौन से वे 3
Venus Transit 2026: 13 जनवरी 2026 को शुक्र का मकर राशि में गोचर हो गया है। जानिए किन 3 राशियों के लिए यह गोचर रहेगा अशुभ और किन बातों में बरतें सावधानी।
Venus Transit 2026: लोहड़ी के पावन पर्व 13 जनवरी 2026 को ज्योतिष की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना घटित होने जा रही है। इस दिन शुक्र ग्रह धनु राशि की यात्रा समाप्त कर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। यह न केवल वर्ष 2026 में शुक्र का पहला गोचर होगा, बल्कि इसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग रूप में देखने को मिलेगा।
शुक्र ग्रह सुबह 3 बजकर 57 मिनट पर धनु से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे और 2 फरवरी 2026 तक मकर राशि में ही विराजमान रहेंगे। इसके बाद शुक्र कुंभ राशि में गोचर करेंगे। ज्योतिष शास्त्र में शुक्र को धन, ऐश्वर्य, प्रेम, वैवाहिक सुख, सौंदर्य, कला और भौतिक सुख-सुविधाओं का कारक ग्रह माना गया है। ऐसे में शुक्र का राशि परिवर्तन जीवन के कई अहम क्षेत्रों को प्रभावित करता है। हालांकि यह गोचर कई राशियों के लिए शुभ फलदायी सिद्ध होगा, लेकिन तीन ऐसी राशियां हैं जिनके लिए शुक्र का यह गोचर सावधानी की मांग करता है।
ज्योतिष में शुक्र ग्रह का महत्व और मकर राशि में गोचर का प्रभाव
शुक्र ग्रह को नवग्रहों में एक शुभ ग्रह माना जाता है। यह प्रेम संबंधों को मधुर बनाता है, वैवाहिक जीवन में सामंजस्य लाता है और व्यक्ति को भौतिक सुखों की प्राप्ति कराता है। शुक्र जब मजबूत स्थिति में होता है तो व्यक्ति का आकर्षण, सामाजिक छवि और आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होती है, लेकिन मकर राशि शनि की राशि है और शनि को अनुशासन, परिश्रम और कठोरता का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में जब सुख-सुविधाओं का कारक शुक्र, शनि की राशि मकर में प्रवेश करता है, तो वह पूरी तरह से अपने स्वभाव के अनुसार फल नहीं दे पाता। परिणामस्वरूप कुछ राशियों को इस दौरान मानसिक दबाव, आर्थिक उलझन और संबंधों में दूरी का अनुभव हो सकता है। शुक्र का यह गोचर विशेष रूप से उन जातकों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है जिनकी कुंडली में शुक्र पहले से कमजोर स्थिति में है या जिन पर शनि का प्रभाव अधिक है।
मेष राशि करियर और प्रतिष्ठा में आ सकती है रुकावट
मेष राशि वालों के लिए शुक्र का मकर राशि में गोचर दसवें भाव में होगा। ज्योतिष में दसवां भाव कर्म, करियर, नौकरी और सामाजिक प्रतिष्ठा का कारक माना जाता है। ऐसे में इस भाव में शुक्र का गोचर कुछ परेशानियां खड़ी कर सकता है। इस दौरान आपको कार्यस्थल पर वरिष्ठों से मतभेद हो सकते हैं। प्रमोशन या नई जिम्मेदारियों में देरी होगी। सामाजिक मान-सम्मान में अस्थायी गिरावट का सामना करना पड़ सकता है। खासतौर पर वाणी और व्यवहार को लेकर आपको बेहद सतर्क रहना होगा। किसी भी तरह की कटु भाषा या जल्दबाजी में लिया गया निर्णय आपकी छवि को नुकसान पहुंचा सकता है। अगले 20 दिनों तक धैर्य और संयम ही आपकी सबसे बड़ी ताकत बनेगी।
कन्या राशि शिक्षा, संतान और प्रेम जीवन में तनाव
कन्या राशि के जातकों के लिए शुक्र का यह गोचर पांचवें भाव को प्रभावित करेगा। पंचम भाव को ज्योतिष में बुद्धि, शिक्षा, संतान, प्रेम संबंध और निवेश का भाव माना जाता है। ऐसे में इस अवधि में इन क्षेत्रों में कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। विद्यार्थियों को एकाग्रता में कमी होगी। प्रेम संबंधों में गलतफहमी हो सकती है। यह समय जोखिम भरे निवेश के लिए बिल्कुल भी अनुकूल नहीं है। बेहतर होगा कि आप इस अवधि में बड़े आर्थिक फैसलों को टालें और भावनात्मक निर्णय लेने से बचें। संयम और व्यावहारिक सोच आपको नुकसान से बचा सकती है।
धनु राशि आर्थिक और मानसिक दबाव का समय
धनु राशि के लिए शुक्र का मकर राशि में गोचर अधिक अनुकूल नहीं माना जा रहा है। इस दौरान आपको आर्थिक असंतुलन और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है। खर्चों में वृद्धि और अपेक्षित परिणाम न मिलने से मन खिन्न रह सकता है। हालांकि यह समय स्थायी नुकसान देने वाला नहीं है, लेकिन धैर्य बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। किसी भी तरह की हताशा या जल्दबाजी आपको और परेशान कर सकती है। ध्यान, पूजा और सकारात्मक सोच से आप इस समय को बेहतर ढंग से निकाल सकते हैं।