Bihar teacher transfer: लंबे इंतजार के बाद शिक्षकों को मिली राहत, 410 शिक्षक गृह जिले में हुए पदस्थापित, नीतीश सरकार के ई-शिक्षा मॉडल ने बदली तस्वीर

Bihar teacher transfer:बिहार की राजनीति में तबादला हमेशा से एक संवेदनशील और बहस तलब मुद्दा रहा है। कभी इसे सिफारिश की राजनीति कहा गया, तो कभी पारदर्शिता की कसौटी पर कसा गया।

410 Teachers Posted in Home Districts via Nitish s E Educati
लंबे इंतजार के बाद शिक्षकों को मिली राहत- फोटो : reporter

Bihar teacher transfer:बिहार की राजनीति में तबादला हमेशा से एक संवेदनशील और बहस तलब मुद्दा रहा है। कभी इसे सिफारिश की राजनीति कहा गया, तो कभी पारदर्शिता की कसौटी पर कसा गया। ऐसे माहौल में अंतरजिला तबादले के बाद जहानाबाद जिले में शिक्षकों की तैनाती की प्रक्रिया शुरू होना, सरकार के लिए सियासी और प्रशासनिक दोनों लिहाज से अहम माना जा रहा है। विभिन्न जिलों से आए कुल 410 शिक्षक-शिक्षिकाओं को स्कूलों में आवंटित किया गया है, जिससे जिले की शैक्षणिक व्यवस्था को नई ताकत मिलने की उम्मीद है।

ई-शिक्षा कोष के जरिए शिक्षकों को उनकी मर्ज़ी के मुताबिक जिला आवंटन दिया गया। खास बात यह है कि इनमें से अधिकांश शिक्षक जहानाबाद के ही निवासी हैं, जो वर्षों से दूसरे जिलों में सेवा दे रहे थे। गृह जिले में पदस्थापना मिलते ही शिक्षकों के चेहरों पर सुकून और राहत साफ झलक रही है। इसे सरकार की उस नीति के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें मानवीय पहलू को भी प्रशासनिक फैसलों के केंद्र में रखा गया है।

कई शिक्षक ऐसे थे, जो परिवार से दूर रहकर नौकरी करने को मजबूर थे। कुछ मामलों में तो दांपत्य जीवन तक प्रभावित हो रहा था, क्योंकि पति-पत्नी अलग-अलग जिलों में तैनात थे। अब अंतरजिला तबादले के बाद ऐसे शिक्षकों को राहत मिली है। इसका असर सिर्फ कर्मचारियों तक सीमित नहीं, बल्कि उनके परिवार और सामाजिक जीवन पर भी सकारात्मक रूप से पड़ेगा। सियासी भाषा में कहें तो यह फैसला सरकार के लिए “गुड गवर्नेंस” का मजबूत नैरेटिव गढ़ता है।

सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को ई-शिक्षा बिहार टीचर ट्रांसफर 2025 कोष पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन का मौका दिया गया था। शिक्षकों ने अपने टीचर आईडी से लॉग इन कर तीन जिलों का विकल्प चुना था। आवेदन की अंतिम तिथि 13 सितंबर 2025 तय की गई थी, जिससे पूरी प्रक्रिया डिजिटल, पारदर्शी और विवादमुक्त रही।

अंतरजिला तबादले के बाद जहानाबाद में वर्ग एक से पांच तक 176, वर्ग छह से आठ तक 115, वर्ग नौ से दस में 42 और 11वीं से 12वीं तक 77 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने योगदान दिया है। इन नियुक्तियों से न सिर्फ शिक्षकों की कमी दूर होगी, बल्कि पठन-पाठन की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। कुल मिलाकर, यह फैसला प्रशासनिक आदेश से आगे बढ़कर एक सियासी संदेश भी देता है कि सरकार शिक्षा और शिक्षक दोनों को बराबर अहमियत देने के मूड में है।