Bihar Education News: बिहार में शिक्षा पर बड़ा एक्शन प्लान, शिक्षकों की उपस्थिति और ट्रेनिंग पर फोकस,उपमुख्यमंत्री का सख्त संदेश

Bihar Education News:बिहार में शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार अब एक्शन मोड में नजर आ रही है। विजय कुमार चौधरी, जो उप मुख्यमंत्री सह शिक्षा मंत्री भी हैं, ने साफ लहजे में कहा है कि राज्य के हर बच्चे को क्वालिटी एजुकेशन देना ही सरकार का अंतिम मकसद है।.

Bihar Education Overhaul Focus on Teachers Transparency Push
बिहार में शिक्षा पर बड़ा एक्शन प्लान- फोटो : social Media

Bihar Education News:बिहार में शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार अब एक्शन मोड में नजर आ रही है। विजय कुमार चौधरी, जो उप मुख्यमंत्री सह शिक्षा मंत्री भी हैं, ने साफ लहजे में कहा है कि राज्य के हर बच्चे को क्वालिटी एजुकेशन देना ही सरकार का अंतिम मकसद है। उन्होंने यह बात मंगलवार को शिक्षा विभाग की हाई-लेवल समीक्षा बैठक के दौरान कही, जहां अफसरों के साथ तमाम योजनाओं और नीतियों की बारीकी से समीक्षा की गई।

डिप्टी सीएम ने दो टूक शब्दों में कहा कि शिक्षक अपनी जिम्मेदारी को समझें और पूरी ईमानदारी के साथ बच्चों को पढ़ाएं। स्कूल में तय समय तक उनकी मौजूदगी अनिवार्य होनी चाहिए और पढ़ाई के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिक्षकों के ट्रांसफर और पोस्टिंग में इस्तेमाल हो रहे सॉफ्टवेयर सिस्टम को और ज्यादा पारदर्शी बनाया जाए, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।

बैठक में उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सिर्फ बहाली ही नहीं, बल्कि शिक्षकों के ट्रेनिंग मॉड्यूल पर भी खास ध्यान दिया जाए। उनका मानना है कि अगर शिक्षक बेहतर ट्रेनिंग पाएंगे, तो उसका सीधा फायदा बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य पर पड़ेगा। साथ ही, एनजीओ के साथ चल रहे शैक्षणिक कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा कर उनके असर और नतीजों को परखा जाए।

इस दौरान प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर ने विभाग में चल रही योजनाओं की प्रगति पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। इसमें सात निश्चय-3 के तहत हर प्रखंड में मॉडल स्कूल, पुस्तकालय योजना, पीएम पोषण योजना और अन्य कार्यक्रमों की स्थिति पर जानकारी साझा की गई।बैठक में मनोरंजन कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। साफ है कि सरकार अब शिक्षा के मोर्चे पर कोई ढिलाई नहीं चाहती फोकस सिर्फ एक है, बच्चों का बेहतर भविष्य और मजबूत शिक्षा व्यवस्था