Bihar Teacher News: शिक्षा विभाग का अजब गजब कारनामा, डीइओ ने 24 घंटे में आत्मा से मांगा स्पष्टीकरण, जमकर हो रही है छीछालेदर

Bihar Teacher News: मोतीहारी का शिक्षा विभाग अपने असाधारण और हास्यास्पद कृत्यों के कारण निरंतर चर्चा का केंद्र बना रहता है। अब डीइओ साहब ने मृत से शोकॉज कर दिया है।

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Bihar Teacher News- फोटो : Reporter

मोतीहारी का शिक्षा विभाग हमेशा से अपने अजीबोगरीब कारनामों के लिए सुर्खियों में रहा है। कभी बेंच-डेस्क से लेकर बूथ रिपेयरिंग और समरसेबल बोरिंग घोटालों के लिए चर्चा में रहने वाला यह विभाग अब एक नए कारनामे को लेकर खूब सुर्खियां बटोर रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने एक वर्ष पहले मृत हो चुकी एक शिक्षिका से स्कूल में अनुपस्थित रहने और ई-शिक्षा पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज नहीं कराने के लिए स्पष्टीकरण मांगा है। डीईओ ने मृत शिक्षिका को 24 घंटे में स्पष्टीकरण का जवाब नहीं देने पर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की बात कही है। एक वर्ष पूर्व मृत शिक्षिका से स्पष्टीकरण की मांग जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। सवाल यह है कि उस शिक्षिका का स्पष्टीकरण पत्र यमलोक कैसे पहुंचेगा, या मृत लोक से शिक्षिका आकर अपनी अनुपस्थिति का जवाब कैसे देंगी। मामला अरेराज प्रखंड के यूएमएस गोबिंदगंज गर्ल्स स्कूल का बताया जा रहा है। मोतीहारी डीईओ के स्पष्टीकरण में क्रमांक 52 पर शिक्षिका उर्मिला कुमारी का नाम है, जिनकी लगभग एक वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी है।

इससे पहले मोतिहारी में एक दिवंगत शिक्षिका को प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया था।  घटना मोतिहारी के डायट भवन से संबंधित है, जहां 250 शिक्षकों के लिए एफएलएन और आईसीटी प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है। जारी की गई सूची में क्रमांक 22 पर उत्क्रमित मध्य विद्यालय भगवानपुर कोटवा में कार्यरत शिक्षिका रानी कुमारी का नाम दर्ज है। हालांकि, समस्या यह है कि रानी कुमारी का पिछले वर्ष कैंसर के कारण निधन हो चुका है। इस प्रकार, शिक्षा विभाग के अनुसार, दिवंगत शिक्षिका की आत्मा को डायट भवन में आकर पांच दिवसीय प्रशिक्षण लेना था।

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बता दें मोतीहारी के जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने ई-शिक्षा कोष ऐप पर उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले 969 अनुपस्थित शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है। इस स्पष्टीकरण सूची में क्रमांक 52 पर यूएमएस गोबिंदगंज गर्ल्स अरेराज की शिक्षिका उर्मिला कुमारी का नाम है, जिनकी लगभग एक वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी है। डीईओ के इस स्पष्टीकरण के बाद शिक्षा विभाग और आम लोगों में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर जिला शिक्षा कार्यालय को एक वर्ष पहले मृत शिक्षिका की सूची क्यों नहीं है। सवाल यह है कि क्या मृत लोक से शिक्षिका आकर स्पष्टीकरण पत्र प्राप्त करेंगी और जवाब देंगी। यह स्पष्टीकरण पत्र सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। आम लोग सोशल मीडिया पर शिक्षा विभाग के इस अजीबोगरीब कार्य को लेकर टिप्पणी कर रहे हैं। हैरानी की बात है कि लगभग एक वर्ष पहले मृत शिक्षिका का अपडेट अभी तक दर्ज नहीं है। डीईओ के पत्र में बताया गया है कि 3 अप्रैल को ई-शिक्षा कोष ऐप पर शिक्षकों की उपस्थिति की जांच की गई थी। जांच में 969 शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। वहीं, 265 शिक्षकों ने बिना पूर्व अनुमति के 'मार्क ऑन ड्यूटी' दर्ज किया था। इसके अतिरिक्त, 5764 शिक्षकों ने उपस्थिति तो दर्ज की थी, लेकिन 'मार्क आउट' नहीं किया था। इन सभी शिक्षकों से 24 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण का जवाब नहीं देने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही गई है।

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मोतिहारी के शिक्षा विभाग की इस बड़ी चूक ने शिक्षा प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर दिया है. इस तरह की घटनाएं दिखाती हैं कि शिक्षा विभाग में सूचनाओं को अपडेट करने की गंभीरता कितनी कम है. अब देखना यह होगा कि इस गलती को सुधारने के लिए विभाग क्या कदम उठाता है।

रिपोर्ट- हिमांशु कुमार