शिक्षक अभ्यर्थियों का इंतज़ार खत्म! TRE-4 शेड्यूल को मिल गई हरी झंडी, इस दिन से खुलेगा शिक्षक बहाली का दरवाजा

शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया यानी टीआरई-4 का रास्ता साफ हो जाएगा। लंबे इंतज़ार और तमाम अटकलों के बाद यह एलान अभ्यर्थियों के लिए राहत और उम्मीद का पैग़ाम लेकर आया है।

TRE 4 Schedule Approved Teacher Recruitment to Begin Soon
टीआरई-4 की दस्तक- फोटो : social Media

TRE 4 Schedule : बिहार की तालीमी सियासत में सोमवार का दिन खास अहमियत रखने जा रहा है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) की ओर से एसटीईटी 2025 का रिजल्ट जारी होते ही चौथे चरण की शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया यानी टीआरई-4 का रास्ता साफ हो जाएगा। लंबे इंतज़ार और तमाम अटकलों के बाद यह एलान अभ्यर्थियों के लिए राहत और उम्मीद का पैग़ाम लेकर आया है।

बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने साफ लहजे में बताया है कि एसटीईटी का रिजल्ट पूरी तरह तैयार कर लिया गया है और सोमवार, 5 जनवरी 2026 को इसे आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिया जाएगा। इसके साथ ही जनवरी महीने में ही टीआरई-4 का शेड्यूल जारी होने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। यानी साल की शुरुआत शिक्षा और रोज़गार—दोनों मोर्चों पर बड़ी हलचल के साथ होगी।

एसटीईटी परीक्षा 14 अक्टूबर से 16 नवंबर के बीच राज्य के नौ जिलों में आयोजित की गई थी। यह परीक्षा कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) मोड में हुई, जिसमें माध्यमिक स्तर के लिए पेपर-1 और उच्च माध्यमिक स्तर के लिए पेपर-2 शामिल थे। पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर, मुंगेर, पूर्णिया, सहरसा और भोजपुर जैसे जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां हज़ारों अभ्यर्थियों ने किस्मत आज़माई।

रिजल्ट में देरी की वजह भी किसी से छिपी नहीं रही। प्रोविजनल आंसर-की जारी होने के बाद बड़ी तादाद में आपत्तियां दर्ज की गई थीं। 27 नवंबर तक ऑब्जेक्शन लेने के बाद बोर्ड ने सभी बिंदुओं पर मंथन किया, जांच-पड़ताल हुई और आखिरकार नतीजों को अंतिम रूप दिया गया। बोर्ड का दावा है कि इस बार पारदर्शिता और इंसाफ़—दोनों का पूरा ख्याल रखा गया है।

अभ्यर्थी अपना रिजल्ट और स्कोर कार्ड bsebstet.org पर जाकर यूजर आईडी और पासवर्ड की मदद से देख सकेंगे। परीक्षा में पास होने के लिए कैटेगरी वाइज कटऑफ तय है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए कम से कम 50 प्रतिशत अंक हासिल करना अनिवार्य है, जबकि अन्य वर्गों के लिए नियमानुसार छूट दी गई है।अब निगाहें टीआरई-4 के शेड्यूल पर टिकी हैं, जो हज़ारों युवाओं की तक़दीर तय करेगा।
रिपोर्ट- अभिजीत सिंह