खेसारी लाल यादव के खिलाफ दर्ज हुआ FIR, भोजपुरी अभिनेत्री अंजना सिंह की बेटी की अश्लील तस्वीरें वायरल कर बुरे फंसे
अंजना सिंह ने लखनऊ के इंदिरा नगर थाने में शिकायत दी है। शिकायत में उन्होंने कथित तौर पर खेसारी लाल यादव, उनके मैनेजर और उनकी टीम से जुड़े लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
khesari Lal Yadav : भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ा एक विवाद अब साइबर क्राइम तक पहुंच गया है। भोजपुरी अभिनेत्री अंजना सिंह ने अभिनेता और गायक खेसारी लाल यादव तथा उनके मैनेजर के खिलाफ लखनऊ में शिकायत दी है। अभिनेत्री का आरोप है कि सोशल मीडिया पर उनकी और उनकी 11 वर्षीय बेटी की AI से तैयार की गई आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल की गईं। इसके साथ ही उन्हें और उनकी बेटी को लेकर अभद्र टिप्पणियां भी की गईं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंजना सिंह ने लखनऊ के इंदिरा नगर थाने में शिकायत दी है। शिकायत में उन्होंने कथित तौर पर खेसारी लाल यादव, उनके मैनेजर और उनकी टीम से जुड़े लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अभिनेत्री ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी की AI-generated तस्वीरों को सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया और इस पूरे मामले के जरिए उन्हें तथा उनके परिवार को अपमानित करने की कोशिश की गई।

बेटी की तस्वीरों को लेकर जताई आपत्ति
अंजना सिंह का कहना है कि सोशल मीडिया पर उनकी 11 साल की बेटी को लेकर जिस तरह की सामग्री प्रसारित की गई, वह बेहद गंभीर और आपत्तिजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि तस्वीरों के साथ अभद्र और अपमानजनक टिप्पणियां भी की गईं। अभिनेत्री ने इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

खेसारी का नाम नहीं लेने से ट्रोल
अंजना सिंह का कहना है कि हाल ही में एक पॉडकास्ट में उन्होंने खेसारी लाल यादव को लेकर अपनी व्यक्तिगत राय रखी थी. वहीं, पसंदीदा भोजपुरी कलाकार के सवाल पर उन्होंने रवि किशन और निरहुआ का नाम लिया, लेकिन खेसारी का जिक्र नहीं किया. इसके बाद सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ ट्रोलिंग शुरू हो गई और उनकी बेटी को भी निशाना बनाया गया.

ऐसे होगा मामले का खुलासा
हालांकि, अभी पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित AI तस्वीरें किसने तैयार कीं और उन्हें सोशल मीडिया पर किसने प्रसारित किया। खेसारी लाल यादव की ओर से इस शिकायत और लगाए गए आरोपों पर उनकी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर रही है। जांच में सोशल मीडिया अकाउंट्स, पोस्ट और कथित आपत्तिजनक सामग्री के स्रोत की पड़ताल की जा सकती है। इसके बाद ही आरोपों की वास्तविकता और जिम्मेदारी तय हो सकेगी।