16 बरस में 15 साल बड़े लडके से किया विवाह, दूसरी शादी 6 बरस छोटे युवक से... बोल्ड गाना गाकर 'दिलबर दिल से प्यारे' रही आशा भोसले
आशा भोसले का जन्म 08 सितम्बर 1933 को महाराष्ट्र के ‘सांगली’ जिले एक मराठी परिवार में हुआ। इनके पिता दीनानाथ मंगेशकर प्रसिद्ध गायक एवं नायक थे. उनकी बड़ी बहन लता मंगेशकर देश की थी. विभिन्न भाषाओं में करीब 12 हजार गाना गाया.
Asha Bhosle : अभी न जाओ छोड़कर, के दिल अभी भरा नहीं... कमबख्त किसका दिल भरेगा- आशा भोसले को सुनते सुनते. समय से आगे की सोच और लीक से हटकर गाने वाली को सुनकर. हमारे तो कई दिन ही 'इन आँखों की मस्ती' को सुनते डूबे रहे. मखमली आवाज का जादू ऐसा कि लगे 'मेरा कुछ सामान तुम्हारे पास पड़ा है'. 'चुरा लिया है तुमने जो दिल को' की तरह 'दिलबर दिल से प्यारे' रहे आप. 'ये है रेशमी जुल्फों का अंधेरा न घबराइए' को सुनना हो या 'पिया तू अब तो आजा' यह सब एक रूमानी एहसास का जादू कराने वाले वैसे गीत रहे.
आशा भोसले का जन्म 08 सितम्बर 1933 को महाराष्ट्र के ‘सांगली’ जिले एक मराठी परिवार में हुआ। इनके पिता दीनानाथ मंगेशकर प्रसिद्ध गायक एवं नायक थे. उनकी बड़ी बहन लता मंगेशकर देश की थी. विभिन्न भाषाओं में करीब 12 हजार गाना गाकर आशा ने विश्व कीर्तिमान बनाया है. आशा की विशेषता है कि इन्होंने शास्त्रीय संगीत, गजल और पॉप संगीत हर क्षेत्र में अपनी आवाज़ का जादू बिखेरा है और एक समान सफलता पाई है. उन्होने आर॰ डी॰ बर्मन से दूसरा विवाह किया था.
वह अपने वक्त से आगे की सोच रखकर गाने वाली गायिका थी. 'दम मारो दम' वाले आपके गाने को सुनता हुआ भला 'राधा कैसे न जले'. आप तो संगीत की हर विधा को 'पर्दे में रहने दो' से दो कदम आगे बढ़कर 'दिल चीज़ क्या है आप मेरी जान लीजिये' तक ले जाती रहीं. 'झुमका गिरा रे' बरेली को मशहूर करा दिया तो 'आओ हुजूर तुम को, सितारों में ले चलूँ' से दिल ऐसा झूम जाए कि गानों से ही हम बहारों में चले जाएं.
आपका जाना 'इन आँखों की मस्ती के मस्ताने हजारों हैं' को 'तन्हा तन्हा यहाँ पे जीना' कर गया. 'उड़े जब-जब जुल्फें तेरी' को याद कर कहते हैं न 'दुनिया में लोगों को धोखा कभी हो जाता है आँखों ही, आँखों में यारों का दिल खो जाता है'. और आप भी खो गई आशा ताई. 'ओ हसीना जुल्फों वाली' अब कौन गाकर गुदगुदाएगा 'आज की रात कोई आने को है'.
जिंदगी को अपनी शर्तों पर जीते हुए 16 बरस की उम्र में 15 साल बड़े लडके से विवाह करना और फिर 6 बरस छोटे युवक से दूसरी शादी करते हुए आपने लीक से हटकर गाना भी गाया और लीक से हटकर दुनियावी जिंदगी भी जी. 16 वर्ष की उम्र में अपने 31 वर्षीय प्रेमी ‘गणपतराव भोसले’ (1916-1966) के साथ घर से पलायन कर पारिवारिक इच्छा के विरुद्ध विवाह किया, तभी तो आपने गाया 'तनहा तनहा यहाँ पे जीना ये कोई बात है! कोई साथी नहीँ तेरा यहाँ तो ये कोई बात है'. आपने तो गाना भी गाया 'पिया बावरी! पिया पिया बोले रे पिया बावरी, पिया बावरी'
1960 के आसपास विवाह विच्छेद के बाद आशा जी अपनी माँ के घर दो बच्चों और तीसरे गर्भस्थ शिशु (आनन्द) के साथ लौट आईं। 1980 ई. में आशा जी ने सचिन देव बर्मन के बेटे ‘राहुल देव बर्मन’ (पंचम) से विवाह किया। यह विवाह आशा जी ने राहुल देव वर्मन के अंतिम सांसो तक सफलतापूर्वक निभाया. आपने तो गाया ही है - 'एक मैं और एक तू, दोनों मिले इस तरह, और जो तन मन में हो रहा है, ये तो होना ही था'. तो आपके जाने से भी 'मस्त मस्त आँखों से छलकाओ ना मदिरा- मधुशाला में ताला ना पड़ जाए'.
आपके जाने पर हम तो यही गुनगुनाएंगे 'जान-ए-जाँ ढूँढता फिर रहा हूँ तुम्हें रात दिन-मैं यहाँ से वहाँ' आप भले चली गई हों हम संगीत प्रेमियों के लिए आपकी आवाज का जादू 'चेहरा कँवल है, बात ग़ज़ल है, खुशबू जैसी तू चंचल है'