झारखंड में आज से SIR शुरू : घर-घर जाएंगे बीएलओ, 47 लाख से अधिक वोटरों की मैपिंग बाकी
झारखंड में आज से एसआईआर शुरू हो गया है। बीएलओ अधिकारी आज से घर-घर जाएंगे और मतदाताओं को आंशिक रूप से भरे हुए इन्यूमरेशन फॉर्म की दो प्रति उपलब्ध कराएंगे। मतदाता 29 जुलाई तक फॉर्म भरकर जमा करेंगे....
Ranchi : झारखंड में मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और त्रुटिरहित बनाने के लिए आज (30 जून) से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान शुरू हो रहा है। इसके तहत बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का भौतिक सत्यापन और मैपिंग करेंगे। यह महा-अभियान 29 जुलाई तक चलेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य फर्जी, मृत और दोहरे मतदाताओं के नाम हटाकर वास्तविक वोटरों की सूची तैयार करना है।
अभियान का पूरा गणित: कहां खड़े हैं हम?
राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 2,64,63,236 है, जिसमें से एक बड़े हिस्से की मैपिंग की जा चुकी है, लेकिन अब भी लाखों मतदाता अनमैप्ड हैं:
- कुल मैपिंग पूरी: 2,17,20,731 मतदाता (82.08%)
- अभी भी अनमैप्ड: 47,42,505 मतदाता
- अनमैप्ड होने के कारण: इनमें एक से अधिक वोटर कार्ड वाले, मृत, स्थायी रूप से शिफ्ट हो चुके और गैर-भारतीय नागरिक शामिल हैं।
महत्वपूर्ण जानकारी: पिछले दिनों हुई इस मैपिंग की लिस्ट को नागरिकता के लिए एक सुपीरियर (सर्वोच्च) दस्तावेज के रूप में माना गया है।
इन्यूमरेशन फॉर्म: मतदाताओं को क्या करना होगा?
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार के अनुसार, इस चरण में पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और आसान बनाया गया है:
- फॉर्म की दो प्रतियां: बीएलओ मतदाताओं को आंशिक रूप से भरा हुआ 'इन्यूमरेशन फॉर्म' देंगे।
- कोई दस्तावेज नहीं देना: फॉर्म भरते समय मतदाता को कोई भी सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट (दस्तावेज) जमा नहीं करना होगा। बीएलओ सिर्फ मूल प्रमाण पत्र देखकर विवरण का मिलान करेंगे।
- हस्ताक्षर और पावती: मतदाता विवरण भरकर और हस्ताक्षर कर एक प्रति बीएलओ को सौंपेंगे और दूसरी प्रति पावती (Receipt) के रूप में अपने पास रखेंगे।
- फर्जी घोषणा पर कार्रवाई: फॉर्म में गलत या फर्जी जानकारी देने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गैर-भारतीय नागरिकों को फॉर्म मिलने पर बिना हस्ताक्षर किए इसे बीएलओ को लौटाना होगा।
फॉर्म में क्या-क्या दर्ज होगा?
विधानसभा क्षेत्र, भाग संख्या, EPIC (वोटर आईडी) नंबर, नाम, माता/पिता/पति का नाम, जन्मतिथि/आयु, लिंग, पूरा पता, मोबाइल नंबर और ईमेल (यदि उपलब्ध हो)। साथ ही नए पात्र मतदाताओं (18+ वर्ष) और मृत/शिफ्टेड लोगों की जानकारी भी इसी फॉर्म से ली जाएगी।
शहरी क्षेत्रों की सुस्त रफ्तार, ग्रामीण इलाके आगे
रांची लोकसभा क्षेत्र के शहरी विधानसभा क्षेत्रों में इस अभियान की रफ्तार चिंताजनक रूप से धीमी है:
- रांची विधानसभा: केवल 55.57% मैपिंग पूरी (3.94 लाख में से 1.75 लाख वोटर अभी भी बाकी)।
- हटिया विधानसभा: केवल 55.44% मैपिंग पूरी (5.49 लाख में से 2.45 लाख वोटर बाकी)।
- कांके विधानसभा: 67.20% मैपिंग पूरी (1.64 लाख वोटर बाकी)।
- ग्रामीण क्षेत्र (बेहतर प्रदर्शन): तमाड़ (85.83%), मांडर (85.71%) और सिल्ली (84.34%) में काम काफी तेजी से हुआ है।
आगे क्या होगा? (Timeline)
राजनीतिक दलों ने इस काम के लिए बूथों पर 74,320 BLA-Two (बूथ लेवल एजेंट) नियुक्त किए हैं, जो बीएलओ के साथ बैठक करेंगे और डेटा को फोटो ऐप पर ऑनलाइन अपलोड करेंगे।
- 5 अगस्त: जो मतदाता 29 जुलाई तक फॉर्म भरकर जमा कर देंगे, उनके नाम मतदाता सूची के ड्राफ्ट पब्लिकेशन (प्रारूप प्रकाशन) में 5 अगस्त को जारी किए जाएंगे।
- गड़बड़ी होने पर नोटिस: जिन मतदाताओं के विवरण में त्रुटि या विसंगति दिखेगी, उन्हें विभाग द्वारा नोटिस जारी किया जाएगा और बाद में दस्तावेज मांगकर मिलान किया जाएगा। अनुपस्थित, मृत या फर्जी वोटरों के नाम ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल नहीं किए जाएंगे।