Hair Transplant: हेयर ट्रांसप्लांट के बाद हो सकती हैं ये परेशानियां, जानें कब कराना चाहिए

Hair Transplant: हेयर ट्रांसप्लांट के बाद सूजन, दर्द, इंफेक्शन, शॉक लॉस और खुजली जैसी परेशानियां हो सकती हैं। जानें हेयर ट्रांसप्लांट कैसे होता है और सही समय कब है।

Hair Transplant

Hair Transplant:  बालों का लगातार झड़ना कई लोगों के लिए चिंता की वजह बन जाता है। खासकर जब सिर के आगे के हिस्से से बाल कम होने लगें या गंजेपन के पैच दिखने लगें, तो कुछ लोग हेयर ट्रांसप्लांट का सहारा लेते हैं। हेयर ट्रांसप्लांट एक सर्जिकल प्रक्रिया है, जिसमें सिर के उस हिस्से से बालों के फॉलिकल्स लिए जाते हैं जहां बाल ज्यादा घने होते हैं और उन्हें कम बाल वाले हिस्से में लगाया जाता है।


यह प्रक्रिया आम तौर पर सुरक्षित मानी जाती है, लेकिन किसी भी सर्जरी की तरह इसमें भी कुछ साइड इफेक्ट और जोखिम हो सकते हैं। इसलिए ट्रांसप्लांट कराने से पहले इसके फायदे और संभावित परेशानियों को समझना जरूरी है।


ट्रांसप्लांट के बाद सूजन और दर्द


हेयर ट्रांसप्लांट के बाद सिर की त्वचा में हल्का दर्द, खिंचाव और सूजन होना आम बात है। कुछ लोगों में माथे या आंखों के आसपास भी कुछ दिनों तक सूजन दिखाई दे सकती है। इसके अलावा सिर पर पपड़ी या छोटे निशान भी बन सकते हैं। आमतौर पर ये समस्याएं कुछ समय बाद धीरे-धीरे ठीक हो जाती हैं।


इंफेक्शन का भी रहता है खतरा


हेयर ट्रांसप्लांट एक सर्जिकल प्रक्रिया है, इसलिए इसमें इंफेक्शन का छोटा जोखिम रहता है। अगर प्रक्रिया के दौरान साफ-सफाई का सही ध्यान न रखा जाए या ट्रांसप्लांट के बाद डॉक्टर की बताई देखभाल न की जाए, तो परेशानी बढ़ सकती है। अगर ट्रांसप्लांट के बाद दर्द या सूजन लगातार बढ़ रही हो, लालिमा, पस या बुखार जैसे लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। तेज दर्द या कोई असामान्य लक्षण होने पर भी क्लिनिक से तुरंत बात करने की सलाह दी जाती है।


कुछ समय के लिए बाल और ज्यादा झड़ सकते हैं


ट्रांसप्लांट के बाद कुछ लोगों में लगाए गए बाल या आसपास के बाल कुछ समय के लिए झड़ सकते हैं। इसे आम तौर पर ‘शॉक लॉस’ कहा जाता है। यह अस्थायी हो सकता है और बाद में बाल फिर से उग सकते हैं। ट्रांसप्लांट के बाद नए बाल तुरंत नहीं आते। NHS के अनुसार कई लोगों में करीब 4 महीने बाद नए बाल दिखना शुरू हो सकते हैं और पूरा नतीजा आने में 10 से 18 महीने तक लग सकते हैं।


खुजली और सुन्नपन भी हो सकता है


ट्रांसप्लांट के बाद सिर की त्वचा में खुजली, झुनझुनी या कुछ समय के लिए सुन्नपन महसूस हो सकता है। यह सर्जरी के दौरान त्वचा और आसपास के हिस्से पर पड़े असर से जुड़ा हो सकता है। ज्यादातर मामलों में ये परेशानी समय के साथ कम हो जाती है।


डॉक्टर का चुनाव बहुत जरूरी


हेयर ट्रांसप्लांट कराने से पहले केवल कम कीमत देखकर क्लिनिक चुनना सही नहीं है। डॉक्टर की योग्यता और अनुभव, क्लिनिक की साफ-सफाई, इस्तेमाल होने वाली तकनीक और आपके बाल झड़ने की वजह की सही जांच ज्यादा महत्वपूर्ण है। ISHRS भी सलाह देता है कि मरीज योग्य और अनुभवी डॉक्टर से ही हेयर ट्रांसप्लांट कराएं। सबसे पहले यह पता लगाना जरूरी है कि बाल क्यों झड़ रहे हैं। हर तरह के बाल झड़ने में हेयर ट्रांसप्लांट सही विकल्प नहीं होता। उदाहरण के लिए, कुछ तरह के पैची हेयर लॉस में ट्रांसप्लांट उपयुक्त नहीं हो सकता।


कम उम्र में ट्रांसप्लांट क्यों टाला जाता है?


यह कहना सही नहीं है कि 23 या 25 साल से कम उम्र के हर व्यक्ति को हेयर ट्रांसप्लांट नहीं कराना चाहिए। इसके लिए कोई एक तय उम्र नहीं है। लेकिन बहुत कम उम्र में ट्रांसप्लांट कराने से पहले डॉक्टर भविष्य में बालों के झड़ने की संभावना को ध्यान में रखते हैं। ISHRS के अनुसार 20 साल से कम उम्र में आम तौर पर हेयर ट्रांसप्लांट की सलाह नहीं दी जाती, क्योंकि इस उम्र में बाल झड़ने का पैटर्न आगे बदल सकता है। कम उम्र में सर्जरी कराने पर भविष्य में बालों के और झड़ने से नतीजा असमान दिख सकता है और दोबारा सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।


कब कराना चाहिए हेयर ट्रांसप्लांट?


हेयर ट्रांसप्लांट के लिए यह जरूरी नहीं है कि सिर का कोई हिस्सा 70 से 100 प्रतिशत तक खाली हो जाए। ज्यादातर मामलों में डॉक्टर बालों के झड़ने का पैटर्न, आगे होने वाले हेयर लॉस, सिर के पीछे मौजूद बालों की स्थिति और मरीज की उम्र को देखकर फैसला करते हैं। ISHRS के अनुसार बहुत से मरीज पूरी तरह गंजे होने से पहले ही ट्रांसप्लांट कराते हैं, इसलिए हेयर ट्रांसप्लांट कराने से पहले किसी योग्य डॉक्टर से जांच और सलाह लेना सबसे जरूरी है। सही समय हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकता है।