आप भी उगाना चाहते हैं गुड़हल का पौधा, यहां जानिए किफायती तरीके से स्टेम कटिंग की विधि

गुड़हल के पौधे के खूबसूरत फूल आपके बगीचे को सजाते हैं। इसे बिना किसी खर्च के उगाने के लिए स्टेम कटिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है। जानिए कैसे इस तरीके से गुड़हल उगाएं।

गुड़हल का पेड़

गुड़हल का पौधा (Hibiscus Plant) न केवल अपनी खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि इसके फूल भी बगीचे को आकर्षक बना देते हैं। इसके विभिन्न रंगों में खिलने वाले फूलों से घर या गार्डन में एक रंगीन वातावरण बन जाता है। इस पौधे को उगाने के लिए कई तरीके हैं, लेकिन सबसे आसान और किफायती तरीका है स्टेम कटिंग विधि (Stem Cutting Method)। आइए जानते हैं कि इस विधि से कैसे नए गुड़हल के पौधे उगाए जा सकते हैं।


1. सही समय का चयन करें
गुड़हल की स्टेम कटिंग लगाने का सबसे अच्छा समय वसंत या मानसून का मौसम होता है। इस दौरान मौसम गर्म और नम होता है, जो पौधे की जड़ें विकसित करने के लिए उपयुक्त है। मार्च से जुलाई तक का समय इस कार्य के लिए सबसे अच्छा है।


2. स्वस्थ तने का चयन करें
गुड़हल के पौधे से तना काटने के लिए एक स्वस्थ और मैच्योर तने का चयन करें। तना लगभग 6 से 8 इंच लंबा होना चाहिए और उसे 45 डिग्री के कोण पर काटें। इससे जड़ों के विकास में मदद मिलती है। कटिंग के निचले हिस्से की पत्तियों को हटा दें और ऊपरी हिस्से में 2-3 पत्तियां छोड़ें।


3. रूटिंग हार्मोन का उपयोग
रूटिंग हार्मोन (Rooting Hormone) का प्रयोग कर सकते हैं, जो जड़ों के विकास को तेज करता है। यह एक ऑप्शनल कदम है, लेकिन इससे सफलता दर बढ़ सकती है। कटिंग के निचले हिस्से को रूटिंग हार्मोन में डुबोकर उसे मिट्टी में लगाएं।


4. मिट्टी तैयार करें
गुड़हल के लिए अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी जरूरी है। मिट्टी को हल्का और पोषक तत्वों से भरपूर बनाने के लिए बालू, कोकोपीट और कम्पोस्ट मिलाएं। इसे गमले या ग्रो बैग में भरकर अच्छी तरह से नम कर लें।


5. कटिंग लगाना
अब तैयार कटिंग को मिट्टी में एक छोटे गड्ढे में लगाएं, ताकि उसका एक तिहाई हिस्सा मिट्टी में दब जाए। इस प्रक्रिया के बाद, उसे हल्के हाथों से दबाएं और पानी दें। यह सुनिश्चित करें कि मिट्टी ज्यादा गीली न हो।


6. देखभाल
कटिंग को छायादार जगह पर रखें और ज्यादा धूप से बचाएं। अधिक पानी से जड़ों के सड़ने का खतरा होता है, इसलिए मिट्टी को हल्का नम रखें। 3-4 सप्ताह में जब नई पत्तियां निकलने लगें, तो समझें कि जड़ें विकसित हो रही हैं।


7. ट्रांसप्लांट करना:
जब कटिंग में अच्छी तरह से जड़ें विकसित हो जाएं, तो इसे बड़े गमले या बगीचे में ट्रांसप्लांट कर सकते हैं। गुड़हल को दिन में 4-6 घंटे की धूप और नियमित पानी की जरूरत होती है।


8. नियमित देखभाल:
गुड़हल के पौधे को महीने में एक बार जैविक खाद या कम्पोस्ट दें और कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए नीम के तेल का छिड़काव करें। समय-समय पर प्रूनिंग (कटाई-छंटाई) से पौधे का आकार नियंत्रित रखें।


निष्कर्ष:
गुड़हल के पौधे को स्टेम कटिंग विधि से उगाना न केवल किफायती है, बल्कि यह आसान और प्रभावी तरीका है। इस विधि को अपनाकर आप अपने बगीचे में खूबसूरत गुड़हल के फूलों का आनंद ले सकते हैं।

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