‘दंगाइयों’ पर बुलडोजर चलाने के खिलाफ उतरे सुप्रीम कोर्ट के 3 पूर्व जज और कई वरिष्ठ वकील, मुख्य न्यायाधीश को लिखा पत्र

‘दंगाइयों’ पर बुलडोजर चलाने के खिलाफ उतरे सुप्रीम कोर्ट के 3 पूर्व जज और कई वरिष्ठ वकील, मुख्य न्यायाधीश को लिखा पत्र

DESK. यूपी में आरोपियों के मकानों पर चल रहे बुलडोजर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट के कई रिटायर्ड जजों और वरिष्ठ वकीलों ने मुख्य न्यायाधीश एनवी रमणा को पत्र लिखा है. पत्र में इस प्रकार से मकानों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई को गैरकानूनी कहा गया है. दरअसल, नुपुर शर्मा के पैगम्बर मोहम्मद पर दिए विवादास्पद बयान के बाद यूपी में हुई हिंसा और फिर प्रशासन की ओर से हिंसा फ़ैलाने के आरोपियों के मकानों पर चले बुलडोजर चलाया गया. इस प्रकार बुलडोजर चलाने पर अब कई लोग और संस्थाएं विरोध कर रही हैं. 

सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट के कई रिटायर्ड जजों और वरिष्ठ वकीलों ने मुख्य न्यायाधीश एनवी रमणा को पत्र लिखकर यूपी में बुलडोजर एक्शन और गिरफ्तारियों पर संज्ञान लेने की मांग की है. 6 रिटायर्ड जजों समेत 12 लोगों ने पैगंबर मोहम्मद विवाद के संदर्भ में पत्र में लिखा कि हाल में यूपी के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए, जिसके बाद बड़े पैमाने पर लोगों को अवैध रूप से हिरासत में लिया गया. घरों को बुलडोजर से तोड़ दिया गया. ये कार्रवाई गैरकानूनी है. नियमों के खिलाफ है. सुप्रीम कोर्ट को इस पर संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए.

पत्र लिखने वालों में 12 जाने-माने लोग हैं. इनमें सुप्रीम कोर्ट के 3 पूर्व जज हैं- जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी, जस्टिस वी. गोपाला गौड़ा, जस्टिस एके गांगुली. इनके अलावा दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस एपी शाह, मद्रास हाईकोर्ट के पूर्व जज के. चंद्रू, कर्नाटक हाईकोर्ट के पूर्व जज मोहम्मद अनवर भी हैं. पत्र लिखने वालों में इनके अलावा सीनियर एडवोकेट शांति भूषण, इंदिरा जयसिंह, चंदर उदय सिंह, श्रीराम पांचू, प्रशांत भूषण और आनंद ग्रोवर भी शामिल हैं.


Find Us on Facebook

Trending News