एक ही परिवार के 3 युवक-युवतियों ने बढ़ाया मिथिलांचल का मान, पहले प्रयास में 31 वीं न्यायिक सेवा परीक्षा में मारी बाजी

एक ही परिवार के 3 युवक-युवतियों ने बढ़ाया मिथिलांचल का मान, पहले प्रयास में 31 वीं न्यायिक सेवा परीक्षा में मारी बाजी

DARBHANGA : बिहार में शिक्षा व्यवस्था पर भले कई तरह के सवाल खड़े किए जाते हैं। लेकिन यहाँ पढ़ाई करनेवाले छात्रों में प्रतिभा कूट-कूटकर भरी होती है। यही कारण है की मेडिकल और इंजीनियरिंग से लेकर देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा यूपीएससी में भी यहाँ के छात्र परचम फहराते हैं। 


ताज़ा मामला जिले के बहेड़ी प्रखंड के नौडेगा गांव में सामने आया है। जहाँ तीन लड़के-लड़कियों ने जिले का नाम रौशन किया है। दरअसल  बिहार लोक सेवा आयोग ने 31 वीं न्यायिक सेवा परीक्षा का अंतिम परिणाम जारी कर दिया है। जिसमें दरभंगा जिला के बहेड़ी प्रखंड के नौडेगा गांव के एक ही परिवार के तीन बच्चों ने सफलता हासिल कर परिवार, गांव सहित मिथिलांचल का गौरव बढ़ाया हैं। 

जिसमें बिहार पुलिस सब-इंस्पेक्टर सह मैराथन धावक से रिटायर्ड सुरेंद्र लालदेव एवं आभा देवी की सुपुत्री कुमारी शिप्रा एवं नेहा कुमारी एवं उसी परिवार के अजय कुमार के पुत्र अनंत कुमार ने सफलता हासिल की है। सभी ने सफलता का श्रेय अपने माता पिता और शिक्षक को दिया हैं। तीनों बच्चे CLAT (क्लैट) के माध्यम से चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के छात्र रहे हैं। जिन्होंने एल. एल. एम. तक की पढ़ाई की है और तीनों ने प्रथम प्रयास में ही यह सफलता हासिल की है। 

शिप्रा ने तैयारी कर रहे उन छात्रों को हम सुझाव दिया हैं कि अपने आप पर भरोसा रखें। हमारा भी यह दूसरा प्रयास है। कभी भी अपने आपको निराश ना होनें दें। आप यदि लगातार प्रयास में लगे हुए हैं तो सफलता जरूर हासिल होगी। कोई भी अच्छी चीज जो होती है ना वो थोड़ा देरी से मिलती है। उसके लिए सब्र सबसे ज्यादा जरूरी चीज है। असफलता से कभी निराश नहीं होना चाहिए और लगातार प्रयास करते रहना चाहिए। एक दिन जरुर सफलता मिलेगी ये मेरा विश्वास है।

दरभंगा से वरुण ठाकुर की रिपोर्ट 


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