आज ही के दिन औरंगजेब ने अपने बड़े भाई दारा शिकोह की हत्या की थी, बीआर अंबेडकर बने थे संविधान प्रारूप समिति के अध्यक्ष

आज ही के दिन औरंगजेब ने अपने बड़े भाई दारा शिकोह की हत्या की थी, बीआर अंबेडकर बने थे संविधान प्रारूप समिति के अध्यक्ष

Desk: भारत के इतिहास में एक योद्धा और एक कवि के तौर पर दारा शिकोह का अपना महत्व है. यहां तक कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी उन्हें एक आदर्श मुसलमान मानता आया है. इसी साल जनवरी में केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने दारा शिकोह की कब्र तलाशने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की सात सदस्यीय टीम बनाई थी. माना जाता है कि दारा शिकोह की कब्र हुमायूं का मकबरा परिसर में 140 कब्रों में से एक है. आज ही के दिन औरंगजेब ने दारा शिकोह की हत्या कर दी थी.

आज हमारी पहचान बन चुके भारत के संविधान से आज की तारीख का खास संबंध है. संविधान सभा ने 29 अगस्त 1947 को सात सदस्यों की संविधान प्रारूप समिति बनाई थी. इसके अगले दिन यानी 30 अगस्त 1947 को समिति के सदस्यों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर को समिति का अध्यक्ष बनाया था. समिति ने दो साल का वक्त लेकर संविधान का प्रारूप तैयार किया. इसे 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा के सामने पेश किया गया. बाद में 26 जनवरी 1950 को यह लागू हुआ और हमारा देश गणतंत्र बना. 


आज ही के दिन वॉशिंगटन और मॉस्को को जोड़ने वाली हॉटलाइन पर पहला टेस्ट मैसेज 30 अगस्त 1963 को भेजा गया था। यह मैसेज था- "The quick brown fox jumped over the lazy's dog's back 1234567890.' उस समय रूस और अमेरिका में युद्ध की परिस्थिति बन रही थी. शाब्दिक बातचीत से होने वाली गलतफहमी टालने के लिए लिखित संदेश भेजने के लिए टेलीटाइप और टेलीग्राफ टर्मिनल का इस्तेमाल होता था. अमेरिकी टर्मिनल पेंटागन में था. हैरानी की बात यह है कि रेड फोन नाम की कोई चीज इस सिस्टम में नहीं है. आखिरी बार बराक ओबामा ने इस सिस्टम का इस्तेमाल किया और रूस को 2016 के चुनावों में हैकिंग को लेकर आगाह किया था.



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