राकेश दुबे सहित आधा दर्जन पुलिस अधिकारियों को आईपीएस रैंक में मिली प्रोन्नति, अधिसूचना जारी

राकेश दुबे सहित आधा दर्जन पुलिस अधिकारियों को आईपीएस रैंक में मिली प्रोन्नति, अधिसूचना जारी

PATNA : राज्य में करीब आधा दर्जन बिहार पुलिस सेवा के अधिकारियों को आईपीएस रैंक में प्रोन्नति दी गई है.  इसकी अधिसूचना जारी कर दी गयी. इन अधिकारियों में बिहार के राज्यपाल के एडीसी राकेश दुबे, उनके साथ जिन अधिकारियों को आज आईपीएस में प्रोन्नति मिली है. उनमें पटना नगर निगम की अपर नगर आयुक्त और चर्चित अधिकारी शीला ईरानी, बलिराम चौधरी, चंद्रशेखर विद्यार्थी, हरिमोहन शुक्ला और संजय भारती शामिल है. 

हालांकि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी की गई अधिसूचना में दो अन्य अधिकारियों विश्वजीत दयाल और विजय कुमार का नाम भी शामिल है. लेकिन विश्वजीत दयाल पर जहां उनके खिलाफ चल रहे एक आपराधिक मामला और विजय कुमार के खिलाफ एक विभागीय मामले के लंबित होने के कारण उन्हें प्रोन्नति का लाभ तब तक नहीं मिलेगा जब तक कि उन्हें दोष मुक्त न करार दिया जाए. आपको बता दे कि राकेश दुबे बिहार के चर्चित अधिकारी रहे है. सीबीआई से अपनी पुलिस सर्विस शुरू करने वाले राकेश दुबे पटना के टाऊन डीएसपी के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई थी. उसके बाद फुलवारीशरीफ डीएसपी के रूप में भी उल्लेखनीय कार्य किया. 

दरअसल 2015 में राकेश दुबे को बिहार सरकार ने राजभवन में एडीसी के पद पर तैनात किया था. तब बिहार के राजपाल केसरीनाथ त्रिपाठी थे. इसी दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी से नीतीश कुमार ने अपनी पार्टी का समर्थन वापस लिया था और मांझी को हटाकर खुद मुख्यमंत्री बने थे. इसके बाद 2015 के विधानसभा चुनाव के बाद नीतीश कुमार महागठबंधन के साथ चुनाव लड़े थे और फिर दोबारा मुख्यमंत्री बने थे. फिर 2020 में जब नीतीश कुमार सातवी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले रहे थे. तब भी राज्यपाल के एडीसी के रूप में राकेश दुबे ही थे. 

राकेश दुबे के बारे में तत्कालीन राज्यपाल और वर्तमान में देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा था. राकेश दुबे मेरे लिए लकी है. रामनाथ कोविंद के बाद बिहार के राज्यपाल बने सत्यपाल मल्लिक ने राज्य सरकार से राकेश दुबे की डिमांड कर दुबारा पोस्टिंग कराई थी. सत्यपाल मल्लिक के बाद राज्यपाल बने लालजी टंडन ने भी राकेश दुबे को हो अपना एडीसी रखा. वर्तमान राज्यपाल फागु सिंह चौहान ने भी इसी अधिकारी को अपने साथ रखा. हरिमोहम शुक्ला और बलिराम चौधरी भी पटना में तैनात रह चुके है. 

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