मिथिला संस्कृति से रूबरू होंगे दक्षिण भारत के लोग, सद्भावना यात्रा पर रवाना हुआ 20 यात्रियों का जत्था

मिथिला संस्कृति से रूबरू होंगे दक्षिण भारत के लोग, सद्भावना यात्रा पर रवाना हुआ 20 यात्रियों का जत्था

DARBHANGA : आजादी के 75 वें सालगिरह पर मनाये जा रहे देशव्यापी अमृत महोत्सव वर्ष के उपलक्ष्य मे दरभंगा के सद्भावना यात्रा समिति के 20 सदस्यीय यात्रियों का दल रविवार को दक्षिण भारत की यात्रा पर रवाना हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी उड़ान योजना का लाभ लेते हुए दरभंगा एयरपोर्ट से हैदराबाद के लिए रवाना होने से पहले दरभंगा की महापौर वैजयंती देवी खेड़िया, विद्यापति सेवा संस्थान के महासचिव डाॅ बैद्यनाथ चौधरी बैजू, मीडिया संयोजक प्रवीण कुमार झा, महात्मा गांधी शिक्षण संस्थान के चेयरमैन हीरा कुमार झा, वरिष्ठ पत्रकार विष्णु कुमार झा आदि ने यात्रियों को तिरंगा झंडा एवं गुलाब का फूल भेंट कर विदा किया। मौके पर कबीर सेवा संस्थान एवं दरभंगा पर्यटन संस्थान के सदस्यों ने सद्भावना यात्रियों का फूलों की माला पहना कर स्वागत किया।

मौके पर महापौर वेजेंती खेड़िया ने कहा कि इस यात्रा से मिथिला एवं दक्षिण भारत की संस्कृति के बीच परस्पर सामंजस्य कायम होने के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। डाॅ बैद्यनाथ चौधरी बैजू ने कहा कि यह यात्रा मिथिला के गौरवशाली संस्कृति से दक्षिण भारत के लोगों को रूबरू कराने के साथ ही देश के दो विभिन्न हिस्सों को सांस्कृतिक रूप से जोड़ने में महत्वपूर्ण साबित होगा। हीरा कुमार झा ने कहा कि देश की आजादी के 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में शुरू हो रही यह यात्रा सांस्कृतिक समरसता कायम करने में कारगर होगी। प्रवीण कुमार झा ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में मिथिला के लोगों की सद्भावना को लेकर शुरू हो रही यह यात्रा आने वाले समय में मिथिला के लोगों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा। विष्णु कुमार झा यात्रियों के मंगलमय एवं सुखद यात्रा की कामना की।

सद्भावना यात्रा समिति के संयोजक और मैथिली के वरिष्ठ साहित्यकार व चुनाव आयोग के आईकाॅन मणिकांत झा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सफल प्रयास से दरभंगा एयरपोर्ट से उड़ान सेवा का शुभारंभ होने का सीधा लाभ आज हम सभी को मिल रहा है। आजादी के 75 वें वर्ष में हमलोग हवाई जहाज से सीधे उत्तर से दक्षिण की यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि समिति के सदस्यों ने आजादी के स्वर्ण जयंती वर्ष पर दरभंगा से दिल्ली तक तथा गणतंत्र के पचास वर्ष पूरे होने पर दरभंगा से इम्फाल तक की साईकिल यात्रा किस तरह की थी। यात्रा दल में शामिल मैथिली साहित्य के वरिष्ठ साहित्यकार तथा हास्य-व्यंग्य सम्राट डाॅ जयप्रकाश चौधरी जनक ने कहा कि भारतवर्ष मे अनेक जाति, संप्रदाय तथा विभिन्न भाषाओं को बोलने वाले लोग निवास करते हैं। इस यात्रा के माध्यम से हमलोग अपनी संस्कृति को दक्षिण भारत में पहुंचाने का प्रयास करेंगे। जबकि वहांँ की सभ्यता और संस्कृति को नजदीक से जानने का भी हमें अवसर प्राप्त होगा।

बता दें कि सांस्कृतिक तथा धार्मिक यात्रा पर जा रहे इस दल के सदस्य तमिलनाडु के रामेश्वरम, कन्याकुमारी, मदुरै, कांचीपुरम तथा आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी, मल्लिकार्जुन तथा तेलंगाना के अनेक तीर्थ स्थलों पर जाकर कोरोना महामारी से मुक्ति हेतु विभिन्न देवी-देवताओं की पूजा अर्चना करेंगे। इस यात्रा दल मे अशोक कुमार चौधरी, विजय चंद्र झा, देवकुमार चौधरी, रघुवीर मिश्र, अनिल अग्रवाल, दिलीप कुमार चौधरी, नीशीत कुमार, आशा देवी, नीलम झा, मीना देवी, भरोसा देवी, इंदू देवी, शैला देवी, सुधा देवी, सरोज मिश्र, वसुंधरा देवी, नीलम देवी तथा अंजू देवी शामिल हैं। 

मणिकांत झा ने बताया है कि समिति के सदस्य इससे पूर्व उत्तराखंड के चार धाम यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के यात्रा पर भी गये थे। उत्तर से दक्षिण को जोड़ने के लिए अपने यहाँ गंगोत्री के जल को रामेश्वरम में चढ़ाने की भी परंपरा रही है। विदित हो कि इस दल मे कई ऐसे लोग हैं जो पहली बार हवाई यात्रा कर रहे हैं। इसका पूरा श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उड़ान योजना को जाता है। मौके पर संतोष कुमार झा, दीपक कुमार झा, गंधर्व कुमार झा, नीतीश सौरभ आदि की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

दरभंगा से वरुण ठाकुर की रिपोर्ट

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