एक अंधविश्वास ने बदल दी पूरे महादलित बस्ती की सोच, धर्म परिवर्तन कर अपना लिया ईसाई धर्म

एक अंधविश्वास ने बदल दी पूरे महादलित बस्ती की सोच, धर्म परिवर्तन कर अपना लिया ईसाई धर्म

GAYA : देश में धर्म परिवर्तन को लेकर चर्चा जोरों पर है, जहां हिन्दू आबादी के लोगों को जबरन मुस्लिम बनाने को लेकर जांच चल रही है। वहीं इन सबके बीच गया जिले में बस्ती ऐसी भी है, जहां रहनेवाले सभी परिवारों ने धर्म परिवर्तन कराकर ईसाई धर्म को अपना लिया है। लेकिन अब तक किसी का भी इस तरफ ध्यान नहीं गया। यह सब हुआ एक अंधिविश्वास के कारण. जिसके बाद लोगों ने ईसाई धर्म अपना लिया। 

यह है वो बस्ती और अंधविश्वास का कारण

गया शहर के नगर प्रखंड के नैली पंचायत के बेलवादीह गांव में महादलितों की बस्ती है। इस बस्ती में सब कुछ ठीक से चल रहा था। अचानक लोगों ने ईसाईयो के द्वारा आयोजित प्रार्थना में जाना शुरू कर दिया और फिर धीरे धीरे पूरी बस्ती ने धर्म परिवर्तन कर लिया है। यह तब हुआ जब इस बस्ती की महिला केवला देवी के बेटे का अचानक तबीयत खराब हो गया और डॉक्टर से इलाज करा कर  थक हार चुकी थी तो किसी ने बताया कि ईसाई धर्म के किसी के पास जाओ उसके बाद ईसाई धर्म के कई लोग उसके गॉव में पहुँचे घर पर प्रार्थना किया और पानी दिया उसके बाद उसका बेटा स्वस्थ हो गया।

चमत्कार ने बढ़ा दी रूचि

 उसके बाद इसे देख धीरे धीरे महादलित परिवारों में ईसाई धर्म के प्रति रुचि बढ़ती गयी लोग अपनी परेशानी को लेकर वँहा जाने लगे उसके बाद उसके परेशानी दूर हो गयी। इसके बाद पास के गॉव वाजिदपुर में किसी घर मे रविवार को ईसाई धर्म के द्वारा प्रार्थना सभा का आयोजन किया जाता था ।उसी प्रार्थना में सभी महादलित महिला-पुरुष शामिल हो गए और हिन्दू धर्म को त्याग कर ईसाई धर्म को अपना लिया है। 

प्रार्थना सभा के अलावा सामान्यतः सिंदूर लगाती हैं महिलाएं

धर्म परिवर्तन कर चुकी महिलाएं बताती है कि ईसाई धर्म मे महिला को सिंदूर नही लगानी है। उसके बाद महादलित महिलाएं उसका पालन कर सिंदूर लगाना भी बन्द कर दिया है। कहा कि प्रार्थना में जब जाते है तो स्नान कर बिना श्रंगार व सिंदूर के जाती है उसके बाद अन्य दिन वह सिंदूर भी लगाती है। उनका कहना कि किसी ने लालच या किसी ने जबरदस्ती धर्म परिवर्तन के लिए बाध्य नही किया है, बल्कि वे स्वेच्छा से हिन्दू धर्म को छोड़कर ईसाई धर्म को अपनाया है। बताया कि अब हिन्दू देवी देवताओं पर विश्वास नहीं रहा है इसलिए अब पूजा पाठ भी बन्द कर दिया है।

पुरुषों की यह थी शिकायत

 वहीं गांव के धर्म परिवर्तन कर चुके महादलित पुरुष मनोज माँझी ने बताया कि हमलोग बहुत परेशान थे कभी बेटा तो कभी बेटी का तबीयत ख़राब रहता था मगर इस धर्म में आने के बाद सब कुछ ठीक हो गया है। उनका कहना था कि वैसे भी महादलित होने के कारण कई हिन्दू मंदिरों में जाने पर रोक था लेकिन ईसाई धर्म मे यैसा कुछ नहीं है। पहले भी मंदिर में पूजा पाठ नही करते थे अब भी नही करते हैं।

मनोज कुमार सिंह की रिपोर्ट

नोट - न्यूज4नेशन ऐसे किसी अंधविश्वास या धर्म परिवर्तन को लेकर बताई गई वजहों का समर्थन नहीं करता है। यह जानकारी सिर्फ समाचार के उद्देश्य से दी गई है।


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