आखिर ऐसी क्या मजबूरी रही जो तेजस्वी के पांव के नीचे बैठे दिखाई दिए जगदा बाबू... ! सदन में डंके की चोट पर संस्कारों की दी थी दुहाई

आखिर ऐसी क्या मजबूरी रही जो तेजस्वी के पांव के नीचे बैठे दिखाई दिए जगदा बाबू... ! सदन में डंके की चोट पर संस्कारों की दी थी दुहाई

पटना... सदन में संस्कार की दुहाई देने वाले तेजस्वी यादव की पोल गांधी मैदान में धरना देने के दौरान खुल गई। धरना के दौरान तेजस्वी यादव खुद तो कुर्सी पर बैठे रहे, लेकिन राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह को एक अदद कुर्सी भी नसीब नहीं हुई। माना कि तेजस्वी यादव विपक्ष के नेता हैं, लेकिन संस्कार की बात देने वाले को इतना एहसास नहीं रहा कि कम से कम राजद के प्रदेश अध्यक्ष जो उनके पिता की उम्र के भी हैं, उनके लिए भी एक कुर्सी मंगवा ली जाए।  लगातार तेजस्वी के विपक्षियों की ओर से आरोप भी लगाया जाता है कि ये पार्टी सिर्फ एक परिवार का है और इसमें कोई दूसरा स्थान नहीं है और न ही किसी की कोई इज्जत है। तेजस्वी ने आज खुद विरोधियों के आरोप पर मुहर लगाने के साथ राजद का चाल, चेहरा और चरित्र तीनों उजागर कर दिया। 

बता दें कि तेजस्वी यादव आज जब गांधी मैदान धरना देने पहुंचे तो कार्यकर्ताओं के बीच में वो अकेले कुर्सी पर बैठे दिखाई दिए, लेकिन इस बीच जो नजारा दिखा वो उनके बड़ों के प्रति सम्मन को दर्शाता है राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह तेजस्वी यादव की कुर्सी के नीचे पांव के पास मुंह छुपाए बैठे रहे। क्या उन्हें भी एहसास था कि उम्र में तेजस्वी के पिता समान होने के बाद भी उन्हें नीचे बैठना पड़ा है। आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी कि उन्हें तेजस्वी की कुर्सी के नीचे बैठना पड़ा ? 

सत्र खत्म होने के 11 दिन बाद ही ठहाकों पर लगाया मुहर

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सदन में संस्कार की दुहाई भी खूब दी। खासतौर पर तेजस्वी ने जब ये कहा कि नीतीश जी हमसे बड़े हैं और हम उन्हें चाचा भी बोलते हैं, क्योंकि मेरे माता-पिता ने हमें बड़ों का सम्मान करना सिखाया है। इस पर नीतीश समेत अन्य सभी नेताओं ने खूब ठहाके लगाए। संस्कार के ठहाकों को तेजस्वी यादव ने महज 11 दिन बाद ही सही साबित भी कर दिया।

सदन में खूब हुआ था हंगामा

गौरतलब है कि बिहार विधानसभा सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर हंगामा हुआ था, लेकिन ये हंगामा बिहार में विकास की इबारत लिखने को  लेकर कम बल्कि नीतीश और तेजस्वी के पर्सनल लाइफ को लेकर हुआ। दोनों नेताओं ने सदन में खूब एक-दूसरे पर हमले किए। हमले बहुत ही निजी थे। इतने निजी की दोनों ने एक-दूसरे के पर्सनल लाइफ को ही खंगाल दिया।

किसान आंदोलन के समर्थन में था धरना

बता दें कि बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने केंद्र के नए कृषि कानूनों को किसान विरोधी बताते हुए आंदोलन का ऐलान किया था। उनकी अगुवाई में महागठबंधन नेता आज यानी शनिवार को गांधी मैदान में गांधी प्रतिमा के समक्ष धरना देने वाले थे। लेकिन अनुमति नहीं मिलने के कारण पुलिस ने उनके धरना को रोक दिया है। धरना को रोकने के बाद राजद के बड़े नेता अब नीतीश सरकार को काेसते नजर आए, वहीं बड़ी संख्या में पहुंचे कायकर्ता प्रशासन के खिलाफ ही धरने पर भी बैठे। वहीं धरने पर महागठबंधन के नेता जब तेजस्वी यादव पहुंचे तो उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार दोनो के खिलाफ गांधी मैदान के बाहर ही धरने पर बैठ गए।

पटना से कुमार गौतम की रिपोर्ट


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