आज पेश हुआ बजट आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है : संजय जायसवाल

आज पेश हुआ बजट आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है  : संजय जायसवाल

PATNA : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने आम बजट की सराहना करते हुए इसे भविष्य का बजट बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक मजबूत कदम है। इससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इससे देश के अवसंरचना, कृषि और स्वास्थ्य के क्षेत्र को बहुत मजबूती मिलेगी। पूंजीगत व्यय, वरिष्ठ नागरिकों (75 वर्ष के ऊपर) को छूट और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन राशि दिए जाने का स्वागत करते हुए जायसवाल ने कहा कि यह बजट सभी के लिए घर पर जोर देता है। समाज के विभिन्न वर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखा गया है। 

उन्होंने कहा की कोरोना की वैश्विक आपदा से प्रभावित अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने योजनाबद्ध तरीके से बजट के जरिए रूपरेखा प्रस्तुत की है। इसमें वंचितों की सुरक्षा का दायरा बढ़ाया गया है और निजी निवेश के मौके भी बढ़ाए गए हैं। इस बजट में स्वास्थ्य बजट में हुई 137 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि सरकार की अपनी नागरिकों के प्रति चिंता को दर्शाती है, जिससे जन-जन को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी और राजस्व संग्रहण में परेशानियों के बावजूद एक संतुलित बजट पेश किया गया है। 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के अनुसार 41 प्रतिशत राशि राज्य सरकारों को दिए जाने का भी उन्होंने स्वागत किया। शिक्षा, रक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र के बजटीय आवंटन से विकास को रफ्तार मिलेगी। उज्ज्वला योजना के तहत एक करोड़ अतिरिक्त परिवारों को एलपीजी सिलेंडर देने का निर्णय और साथ ही गैस पाइपलाइन से 100 नए शहर जोड़े जाने का फैसला बेहद महत्वपूर्ण है।

वहीँ बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने केन्द्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि आम बजट आम आदमी के सपने एवं उनकी आकांक्षाओं, आशाओं को पूर्ण करने वाला है। समाज के सभी वर्गों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने हेतु यह बजट महत्वपूर्ण साबित होगा। कोरोना महामारी में आर्थिक दिक्कतों के बाद भी केंद्र सरकार द्वारा पेश किया गया यह बजट स्वागत योग्य है। उन्होंने चुनौतियों से भरे इस विषम समय में एक संतुलित और सर्वजन समावेशी बजट के लिए केंद्र सरकार को बधाई दी। उन्होंने कहा जिस प्रकार से शिक्षा और आधारभूत संरचना पर सरकार ने ध्यान दिया है वो सराहनीय है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से 15000 से अधिक विद्यालयों को नई शिक्षा नीति के सभी अवयवों को ध्यान में रखते हुए गुणात्मक रूप से सुदृढ़ करने की बात बजट में कही गई है वो सभी अन्य विद्यालयों के लिए आदर्श स्थापित करेगा। साथ ही जनजातीय क्षेत्रों में 750 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों को स्थापित करने की बात और प्रत्येक इकाई का बजट 20 करोड़ से बढ़ा कर 38 से 48 करोड़ करने की बात कही गई है वो स्वागत योग्य है। 

इसके अलावा अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं के पोस्ट मेट्रिक स्कॉलरशिप पर केंद्र ने अपना अंश बढ़ा कर अगले छह वर्षों - 2025-2026 तक 35,219 करोड़ करने की बात कही है जिससे करीब चार करोड़ अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राएं लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि देश में उच्च शिक्षा विकास हेतु भी कई नए प्रावधान लाने की बात एवं सुधारवादी कानून लाने का निर्णय केंद्र सरकार ने लिया है जो निसंदेह शिक्षा को आधारभूत रूप से सुदृढ़ करेगा एवं विभिन्न शिक्षण संस्थानों में बेहतर तालमेल भी स्थापित होंगे।

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