अडानी ग्रुप ने अपने दो बड़े सीमेंट प्लांट को बिना सूचना के किया बंद, उत्तर भारत में गहरा सकता है सीमेंट सकंट

अडानी ग्रुप ने अपने दो बड़े सीमेंट प्लांट को बिना सूचना के किया बंद, उत्तर भारत में गहरा सकता है सीमेंट सकंट

DESK : हिमाचल में नई सरकार बनने के साथ ही अडानी ग्रुप ने अपने दो सीमेंट प्लांट अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए है। जिसमें बिलासपुर के बरमाणा में ACC और सोलन के दाड़लाघाट में अंबुजा सीमेंट प्लांट शामिल हैं। दो प्लांट के बंद होने से पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में राज्य के मुख्य सचिव आरडी धीमान ने DC सोलन और DC बिलासपुर को जल्द विवाद का हल निकालने के निर्देश दिए हैं। मगर, अभी विवाद सुलझता नजर नहीं आ रहा है।

सरकार को नहीं थी खबर

बताया जा रहा है कि अडानी समूह ने प्लांट बंद करने से कंपनी एक्ट के तहत नोटिस भी नहीं दिया। फैक्ट्री में जरूर कर्मचारियों को दफ्तर नहीं आने को लेकर जरूर नोटिस लगाए गए। मगर, सरकार के ध्यान में यह मामला नहीं लाया गया। बता दें कि दोनों प्लांट बीती शाम 5 बजे से बंद है। कंपनी ने कर्मचारियों और कामगारों को आगामी आदेशों तक दफ्तर नहीं आने के निर्देश दे रखे हैं। इससे दोनों जिलों में 20 हजार से अधिक परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट गहरा गया है।

माल भाड़े का विवाद

दोनों प्लांट पर माल भाड़े को लेकर कंपनी प्रबंधन और ट्रक ऑपरेटर्स सोसायटियों के बीच विवाद चल रहा है। बीते कल की बैठक बेनतीजा रहने के बाद प्रबंधकों ने प्लांट बंद करने का निर्णय लिया है। कंपनी के GM राजेश लखनपाल ने बताया कि कंपनी ने ऑपरेटर्स सोसाइटियों से रेट कम करने को कहा था।। वहीं ट्रक ऑपरेटर्स डीजल के रेट बढ़ने के साथ साथ किराया बढ़ाने की मांग पर अड़े हुए हैं।

कंपनी ने नुकसान को बताया कारण

कंपनी प्रबंधन ने नोटिस में कहा है कि परिवहन और कच्चे माल की लागत में वृद्धि और बाजार की मौजूदा स्थिति के कारण सीमेंट की ढुलाई में भारी कमी आई है। इससे कंपनी को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसे देखते हुए ACC प्रबंधन ने सीमेंट फैक्ट्री के संचालन और प्लांट से संबंधित सभी गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्णय लिया है।

शुरू हुई राजनीति

अर्की से MLA संजय अवस्थी ने सीमेंट प्लांट बंद करने के अडानी के फैसले को तुगलकी फरमान बताया है। संजय अवस्थी ने कहा कि अगर कंपनी 1992 के समझौते अनुसार नहीं चलती और स्थानीय ट्रांसपोर्टरों को प्रताड़ित करने से बाज नहीं आई तो प्रदेश सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करके कंपनी के खिलाफ कड़ा संज्ञान लेगी। कंपनी ने सिर्फ शेयर खरीदे हैं, लोगों के हितों को नहीं खरीदा है।

वहीं कांग्रेस के मीडिया पैनलिस्ट व अधिवक्ता आकाश शर्मा ने कहा कि BJP का शीर्ष नेतृत्व प्रदेश में कांग्रेस की प्रचंड बहुमत से जीत को पचा नहीं पा रहा है। पार्टी प्रदेश में अच्छा काम कर रही है, लेकिन केंद्र सरकार हिमाचल में ACC सीमेंट व अंबुजा सीमेंट पर ताला लगाकर प्रदेश की कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने का काम कर रही है।

गहरा सकता है संकट

अंबुजा के दाड़लाघाट प्लांट में रोजाना 5 से 6 मीट्रिक टन सीमेंट उत्पादन होता है। यहां से देश भर में सीमेंट की सप्लाई होती है। गुजरात, बंगाल, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत हिमाचल में सीमेंट सप्लाई होता है। माना जा रहा है कि  कुछ ओर दिन बंद रहे तो आने वाले दिनों में प्रदेश सहित समूचे उत्तर भारत में सीमेंट का संकट गहरा सकता है और इसकी कालाबाजारी बढ़ेगी। सीमेंट नहीं मिलने से सभी विकास कार्य ठप हो जाएंगे।

बताया जा रहा है कि दोनों फैक्ट्री में करीब 3200 कर्मचारी और कामगार है। इसी तरह इन दोनों पर 15 हजार से ज्यादा ट्रांसपोर्टर और सैंकड़ों परिवारों की रोजी दुकानों पर निर्भर है। 

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