पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर आदि चित्रगुप्त फाइनेंस लिमिटेड ने कार्यक्रम का किया आयोजन, 5 हज़ार से अधिक महिला उद्यमी हुई शामिल

पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर आदि चित्रगुप्त फाइनेंस लिमिटेड ने कार्यक्रम का किया आयोजन, 5 हज़ार से अधिक महिला उद्यमी हुई शामिल

PATNA : पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के जयंती के शुभ अवसर पर ग्राहक समागम कार्यक्रम आदि चित्रगुप्त फाइनेंस लिमिटेड (माइक्रो फाइनेंस) द्वारा अटल जयंती के अवसर पर 2 लाख महिला उद्यमियों कोआर्थिक रूप से सशक्त बनाये जाने का कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस समागम कार्यक्रम का आयोजन पटना के बापू सभागार में किया गया। जिसमे करीब 5,000 से अधिक की संख्या में  महिला उद्यमि शामिल हुई। कार्यक्रम में कंपनी के अध्यक्ष आर. के. सिन्हा, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसनिया, बिहार विधान मंडल में विपक्ष के नेता सम्राट चौधरी, कंपनी के निदेशक तथा भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा,विधायक नन्द किशोर यादव, अरुण सिन्हा, नितिन नविन, संजीव चौरसिया, मोहन जी कंपनी  के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ज्ञान मोहन, कंपनी के निदेशक नीलमणि और ए. पी. वर्मा समेत कई गणमान्य अतिथिगण मौजूद रहे।

कंपनी के अध्यक्ष आर. के. सिन्हा एवं पूर्व राज्य सभा संसद ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का यह मानना था कि अगर महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी तो उनका परिवार सशक्त होगा और फिर समाज सशक्त होगा और अंततः राष्ट्र मजबूत बनेगा। अटल जी महिलाओं को बराबरी के अधिकार देने के पक्षधर थे। अटल जी ने अपने कार्यकाल के दौरान महिला सशक्तिकरण से सम्बंधित कई सराहनीय कदम उठाये।  उन्होंने  बताया की कंपनी की स्थापना बिहार के महिला उद्यमियों को आसान शर्तों पर ऋण सहायता उपलब्ध करा कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से किया गया था।  उन्होंने कहा की कंपनी के माध्यम से हम बिहार के ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में लघु ऋण के माध्यम से महिलाओं को स्वालंबी बनाकर सामाजिक समृद्धि लाने का सतत प्रयास कर रहे है।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा की महिलओं को आर्थिक आत्मनिर्भर बना दिया जाये तो वो देश के विकाश में एक मजबूत स्तम्भ का काम करेंगी।  उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण में ये ताकत है कि वो समाज और देश में बहुत कुछ बदल सकें। वो समाज में किसी समस्या को पुरुषों से बेहतर ढ़ंग से निपट सकती है। महिला सशक्तिकरण की बात मुख्य रूप से महिलाओं को स्वतंत्र बनाने की होती है जिसमे की उनकी आर्थिक रुप से आत्मनिर्भर होना जरुरी है ताकि वो सक्षम बन सकें अपने निर्णय ले सकें और साथ ही बिना किसी पारिवारिक या सामाजिक प्रतिबंध के अपने जीवन को संभाल सकें।

कंपनी के निदेशक ऋतुराज सिन्हा ने बताया कि  आज की तारीख में महिलाएं किसी से कम नहीं हैं  वो अपना घर संभालने से लेकर  व्यवसाय करने तथा रोजगार देने का काम भी कर रही हैं। जरुरत के समय न सिर्फ ऋण ले रहीं हैं बल्कि समय पर चूका भी रहीं हैं । कार्यक्रम में मौजूद माननीय अन्य अतिथियों  ने भी महिला सशक्तीकरण और महिलाओं के आर्थिक स्वतन्त्रा और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया।

कंपनी के सीईओ ज्ञान मोहन ने कंपनी द्वारा किये जा रहे प्रयासों से अवगत कराया और बताया की कंपनी आर्थिक रूप से कमज़ोर महिलओं जो की लघु-सूक्ष्म उद्योग लगाने या व्यपार करने के इक्षुक हैं उन्हें ससमय ऋण सुविधा प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया की कंपनी महिला उद्यमियों के वित्तीय साक्षरता के लिए प्रशिक्षण का आयोजन करती है जिसमे उन्हें घरेलु वित्तीय प्रबंधन तथा स्वक्छ्ता सम्बन्धी विषयों पर जागरूक बनाया जाता है। कंपनी अपने ग्राहकों को बचत और पैसों के सदुपयोग सम्बन्धी प्रशिक्षण भी मुहैया कराती है।  उन्होंने यह भी बताया की कंपनी ने 10000 से अधिक घरों में शौचालय निर्माण और पेय जल सम्बंधित  निर्माण के लिए ऋण मुहैया कराया है।  उन्होंने कहा की कंपनी ने ग्राहकों के लिए शिक्षा ऋण और गृह ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई है।

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