एचआईवी संक्रमित लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण का खतरा सामान्य लोगों के बराबर : डॉ. दिवाकर तेजस्वी

एचआईवी संक्रमित लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण का खतरा सामान्य लोगों के बराबर : डॉ. दिवाकर तेजस्वी

PATNA : पब्लिक अवेयरनेस फॉर हेल्थ फुल अप्रोच फॉर लिविंग पहल के तत्वाधान में विश्व एड्स दिवस के अवसर पर एचआईवी एड्स एवं कोरोना वायरस जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन एग्जिबिशन रोड पटना में किया गया. इस अवसर पर पहल के चिकित्सा निदेशक एवं वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉक्टर डॉ दिवाकर तेजस्वी ने बताया कि एचआईवी संक्रमित लोगों में कोरोना संक्रमण का खतरा उतना ही है. जितना सामान्य व्यक्तियों में. बशर्ते वे दवाओ का नियमित सेवन कर रहे हो. जो दवाइयों का सेवन अनियमित करते हैं या नहीं कर रहे हैं. उनमें कोरोना संक्रमण  की संभावनाएं अधिक हैं. कोरोना उनमें गंभीर रोग उत्पन्न कर सकता है. 

डॉ दिवाकर तेजस्वी ने एचआईवी संक्रमण के लक्षण एवं बचाव के बारे में बताया कि इतने धीरे-धीरे वजन घटना, कमजोरी, लगातार दस्त, बुखार ग्रंथियों में सूजन, चमड़े में फुंसियां, भूख में कमी आदि इस बीमारी के लक्षण है. एचआईवी से बचने के लिए असुरक्षित यौन संबंध ना बनाएं. संक्रमित व्यक्ति चिकित्सा की सलाह पर दवा का प्रयोग करें एवं संयमित जीवन जिए. गर्भवती मां अपने नवजात को संक्रमण से बचाने के लिए चिकित्सक की सलाह पर दवा का प्रयोग करें. 

कोरोना वायरस संक्रमण के बचाव एवं लक्षण के बारे में डॉक्टर तेजस्वी ने बताया कि इसमें लगातार खांसी का आना, बुखार एवं थकान, गंध और स्वाद का पता नहीं चलना एवं सांस लेने में मुश्किल होना मुख्य लक्षण है.  मूल रूप से इसका संक्रमण संक्रमित व्यक्ति के खासने, छींकने और संक्रमित फोमाइट को हाथों से छूने के होता है. इसके संक्रमण का एक मुख्य कारण है वैसे लक्षण रहित संक्रमित व्यक्ति हैं जो दूसरों को यह संक्रमण फैलाने की क्षमता रखते हैं. यह वैसे व्यक्तियों में ज्यादा घातक होता है जो किसी अन्य रोग डायबिटीज, ब्लड शुगर किडनी, हार्ट की बीमारी से संक्रमित हैं. अभी इस बीमारी से बचाव के लिए कोई दवा नहीं है. सिर्फ चार मूल मंत्र है. व्यक्ति द्वारा मास्क का अनिवार्य प्रयोग, दो व्यक्तियों के बीच कम से कम 6 फीट की दूरी, हाथों की एवं शारीरिक स्वच्छता के लिए साबुन पानी एवं सैनिटाइजर का इस्तेमाल और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखना.

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