इशान किशन के बाद अब गोपालगंज का यह खिलाड़ी अपनी तेज गेंदबाजी से साउथ अफ्रीकी टीम की उखाड़ेगा गिल्ली, वनडे के लिए टीम इंडिया में हुआ चयन

इशान किशन के बाद अब गोपालगंज का यह खिलाड़ी अपनी तेज गेंदबाजी से साउथ अफ्रीकी टीम की उखाड़ेगा गिल्ली, वनडे के लिए टीम इंडिया में हुआ चयन

GOPALGANJ : पटना के इशान किशन के बाद अब भारतीय क्रिकेट टीम में एक और भारतीय खिलाड़ी अपनी छाप छोड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार है।  गोपालगंज के एक छोटे से गांव काकड़कुंड के रहने वाले मुकेश कुमार का साउथ अफ्रिका के विरुद्ध एक दिवसीय मैचों की सीरीज के लिए टीम इंडिया में चयन हुआ है। टीम इंडिया में ऐसा पहली बार होगा जब बिहार के दो खिलाड़ी एक साथ खेलेंगे।

मुकेश कुमार ने हाल में इंडिया-ए और न्यूजीलैंड-ए टीम के बीच टेस्ट मैच में बेहतर प्रदर्शन किया था, तेज गेंदबाज मुकेश ने इस चार दिवसीय मैच में चार विकेट लिया था और सीरीज के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज बन कर उभरे थे. जिसके बाद से बीसीसीआइ की नजर मुकेश कुमार पर टिकी हुई थी. शनिवार को ईरानी ट्रॉफी के मैच में इन्होंने सौराष्ट्र के खिलाफ बेहतर गेंदबाजी करते हुए चार विकेट लिए थे

गांव में खुशी का माहौल

मुकेश का इंडियन क्रिकेट टीम में चयन होने से परिवार और जिला वासियों में खुशी की लहर है. मुकेश के पिता स्व काशीनाथ सिंह कोलकाता में ऑटो चलाया करते थे व उनकी माता गृहिणी हैं. मुकेश कुमार गांव में मोहल्लों के बच्चों के साथ क्रिकेट खेलते-खेलते आज इस मुकाम पर पहुंचे हैं. मुकेश फिलहाल बंगाल की टीम से खेलते हैं।   मुकेश कुमार के पिता कोलकाता में टैक्सी ड्राइवर थे। जब वो रणजी ट्रॉफी 2020 में बंगाल के खिलाफ मुकाबला खेल रहे थे तब उनके पिता का निधन हो गया था।

प्रतिभा तलाश में प्रतियोगिता में पहली बार दिखाई थी प्रतिभा

मुकेश कुमार पहली बार गोपालगंज में प्रतिभा की तलाश प्रतियोगिता में अपनी गेंदबाजी का दम दिखाकर चर्चा में आये. उस प्रतियोगिता में सात मैच में उन्होंने एक हैट्रिक सहित 34 विकेट लिये और तब गोपालगंज क्रिकेट टीम के सीनियर खिलाड़ी सत्य प्रकाश नरोत्तम और उस समय के हेमन ट्रॉफी के जिला क्रिकेट टीम के कप्तान अमित सिंह की नजर मुकेश पर पड़ी और वे जिला टीम में आ गये।

 उसके बाद स्टीयरिंग कमेटी के अंडर-19 क्रिकेट टूर्नामेंट में मुकेश ने बिहार का प्रतिनिधित्व किया लेकिन दुर्भाग्य वश बिहार में क्रिकेट की मान्यता नहीं होने के कारण उन्होंने बंगाल का रुख किया और वहां से कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. मुकेश रणजी ट्रॉफी के लगातार दो सीजन में 30 से ज्यादा विकेट लेकर चयनकर्ताओं की नजर में आए और आज उनका इंडिया-ए टीम में चयन हो गया।

बिहार में खेलों की हालत खराब

बिहार में खेलों को लेकर सरकार का रूख कैसा है यह मुकेश कुमार जैसी प्रतिभाओं को देखकर समझा जा सकता है। जो बिहार का होते हुए भी बिहार के लिए नहीं खेल पाता है। इससे पहले इशान किशन भी टीम इंडिया के लिए तब चुने गए, जब उन्होंने  बिहार छोड़कर दूसरे राज्य से खेलने का फैसला किया। यह स्थिति सिर्फ क्रिकेट में नहीं, लगभग सभी खेलों में नजर आता है। यहां की सरकार का पूरा फोकस सिर्फ इस पर रहता है कि कैसे अपनी सत्ता को बनाए रखा जा सके।

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