ललन सिंह के बाद अब जदयू के इस बड़े नेता ने उपेंद्र कुशवाहा की दी नसीहत, कहा - सार्वजनिक जगहों पर न करें पार्टी की बात

ललन सिंह के बाद अब जदयू के इस बड़े नेता ने उपेंद्र कुशवाहा की दी नसीहत, कहा - सार्वजनिक जगहों पर न करें पार्टी की बात

PATNA : जदयू में उपेंद्र कुशवाहा अपने बयानों में लगातार पार्टी को कमजोर होने की बात कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ अब उपेंद्र कुशवाहा के बयानों को लेकर पार्टी के दूसरे बड़े नेताओं की प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है। जहां पार्टी अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा है कुशवाहा जी को कोई परेशानी हो रही है, तो वह मुख्यमंत्री जी से सीधे बात करें। अब ऐसी ही सलाह पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने भी उपेंद्र कुशवाहा को दी है।

केसी त्यागी ने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा जी समता पार्टी के संस्थापक नेताओं में से रहे हैं। उनको सार्वजनिक करने के बजाए नेता नीतीश कुमार से संवाद स्थापित करना चाहिए। पार्टी में खुलापन होना चाहिए लेकिन संवादहीनता की भी गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। 

नीतीश कुमार के वापस बीजेपी के साथ आने के सवाल पर केसी त्यागी ने कहा कि हम लोगों ने बीजेपी से अपने आपको अलग किया है। अटल बिहारी वाजपेई और आडवाणी जी का स्थापित कार्यक्रम जो था उससे बीजेपी अलग हुई है और काफी आगे चली गई है। जो सवाल हमने अटल जी के नेतृत्व में दफन किए थे वह मुंह बाए खड़े हैं।

ललन सिंह ने कहा - कोई नेता भाजपा के संपर्क में नही

इससे पहले जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह भी उपेंद्र कुशवाहा के बयानों की हवा निकालचुके हैं। सोमवार को ललन सिंह ने कहा  कि उनकी पार्टी का कोई भी नेता भाजपा के संपर्क में नहीं है।  अगर उपेंद्र कुशवाहा संपर्क में रहने की बात कह रहे हैं तो इसका जवाब भी वहीं देंगे कि वह किसके बारे में बोल रहे हैं। ललन सिंह ने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा क्यों नाराज हैं, यह वह ही बतायेंगे। पार्टी ने उन्हें पूरा सम्मान दिया है। जब भी मुलाकात का समय मांगा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तुरंत उन्हें दिया। उपेंद्र कुशवाहा ने कोई बात बतायी है तो तुरंत उसका निराकरण किया गया है।  

ललन सिंह ने कहा कि हमलोगों ने तो पूरी मजबूती के साथ उपेंद्र कुशवहा का साथ दिया। जब-तक वह हैं। पर, वह मजबूती से पार्टी के साथ हैं या नहीं, यह तो उन्हीं से पूछिए। ललन सिंह ने कहा कि जेडीयू का सदस्यता अभियान चला तो 75 लाख सदस्य बने। 75 लाख की सदस्यता में उपेंद्र कुशवाहा का क्या योगदान है, इसका मूल्यांकन उन्हें भी करना चाहिए। 


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