इंडिया गेट से 'अमर जवान ज्योति' हटाने के विवाद के बाद पीएम मोदी का बड़ा ऐलान, इंडिया गेट पर लगेगी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा

इंडिया गेट से 'अमर जवान ज्योति' हटाने के विवाद के बाद पीएम मोदी का बड़ा ऐलान,  इंडिया गेट पर लगेगी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा

दिल्ली. इंडिया गेट पर पिछले 50 वर्षों से जल रही अमर जवान ज्योति को नेशनल वार मेमोरियल स्थित ज्योतिपुंज में विलय करने के निर्णय के बाद शुक्रवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने बड़ी घोषणा की. उन्होंने इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा लगाने की घोषणा की. मोदी ट्वीट किया, 'ऐसे वक्‍त में पूरा देश नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती मनाने जा रहा है, मैं यह बताते हुए बेहद खुश हूं कि ग्रेनाइट से बनी उनकी एक भव्‍य प्रतिमा इंडिया गेट पर लगाई जाएगी। यह नेताजी के प्रति भारत की कृतज्ञता का प्रतीक होगा।'

23 जनवरी को नेताजी की जयंती है. उसी दिन पीएम मोदी इंडिया गेट पर मूर्ति का अनावरण करेंगे. हालाँकि जब तक सुभाष चंद्र बोस की मूर्ति बनकर पूरी नहीं हो जाती, तब तक इंडिया गेट पर नेताजी की एक होलोग्राम मूर्ति मौजूद रहेगी. इसे ही पीएम मोदी अनावरित करेंगे. 

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी और ‘जय हिंद’ का नारा देने वाले सुभाष चंद्र बोस की जयंती हर साल 23 जनवरी को मनाई जाती है. बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को ओड़ीशा के कटक में हुआ था. नेताजी को सम्मान देने के मकसद से अब मोदी सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है. उनकी 125वीं जयंती पर इंडिया गेट पर प्रतिमा स्थापित होगी. 

दरअसल, इंडिया गेट स्थित अमर जवान ज्योति 1972 से प्रज्ज्वलित है. 1971 के पाकिस्तान के साथ युद्ध में शहीद हुए 3843 भारतीय सैनिकों की याद में इंडिया गेट पर 1972 में अमर जवान ज्योति जलाई गई. तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 26 जनवरी 1972 को इसका उद्घाटन किया था. हालाँकि शुक्रवार को इसे नेशनल वॉर मेमोरियल में शिफ्ट कर देने की घोषणा हुई. 

वहीं नेशनल वॉर मेमोरियल का उद्घाटन  25 फरवरी 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था. 40 एकड़ जमीन पर 176 करोड़ रुपए की लागत से इसका निर्माण 1947 के बाद से शहीद हुए 26466 भारतीय जवानों के सम्मान में किया गया है. इंडिया गेट से महज 400 मीटर की दूरी पर स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल में भी एक प्रकार की अमर जवान ज्योति जल रही है. अब उसी ज्योति के साथ इंडिया गेट के अमर जवान ज्योति का विलय हो जाएगा. वहीं, 42 मीटर ऊंचे इंडिया गेट का निर्माण ब्रिटिश सरकार ने किया था. 1914-21 के बीच पहले विश्व युद्ध और तीसरे अफगान युद्ध में ब्रिटिश सेना की तरफ से शहीद होने वाले 84,000 भारतीय सैनिकों की याद में इंडिया गेट बनाया था. '

अमर जवान ज्योति को हटाने की घोषणा के बाद राहुल गाँधी ने ट्वीट  आपत्ति जताई थी.  बिना किसी का नाम लिए परोक्ष रूप से सत्ताधारी दल पर हमला किया है. उन्होंने ट्वीट किया- बहुत दुख की बात है कि हमारे वीर जवानों के लिए जो अमर ज्योति जलती थी, उसे आज बुझा दिया जाएगा. कुछ लोग देशप्रेम व बलिदान नहीं समझ सकते- कोई बात नहीं…हम अपने सैनिकों के लिए अमर जवान ज्योति एक बार फिर जलाएँगे!

हालाँकि राहुल की आपत्ति के कुछ समय बाद मोदी ने ट्वीट कर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा लगाने की घोषणा कर दी. उनकी इस घोषणा का कई लोगों ने स्वागत किया और इसे देश में स्वतंत्रता सेनानियों का उचित सम्मान बताया. 


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