नीतीश की साइकिल में हवा टाइट करने फील्ड में निकलेंगे अफसर

नीतीश की साइकिल में हवा टाइट करने फील्ड में निकलेंगे अफसर

PATNA :  हाई स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों ने पैसा लेकर साइकिल खरीदी है या नहीं, अब इसकी जांच होगी। 16 अगस्त को जांच दल स्कूलों में धावा बोलेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार साइकिल योजना को शिक्षा के प्रसार के लिए क्रांतिकारी फैसला बताते रहे हैं। अब उनके निर्देश पर इस योजना की जमीनी हकीकत परखने का फरमान जारी किया गया है।

साइकिल-पोशाक राशि के उपयोग की जांच होगी

माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने एक आदेश जारी किया है। शिक्षा विभाग के सभी जिलास्तरीय अफसरों को आदेश दिया गया है कि वे मुख्यमंत्री साइकिल-पोशाक योजना की राशि के उपयोग की समीक्षा करें। जांच अधिकारी स्कूल खुलने के 15 मिन्ट पहले वहां पहुंचेंगे। ऐसा करना इस लिए जरूरी है ताकि वे प्रार्थना सत्र में भाग ले सकें। इससे छात्र-छात्राओं की पोशाक की स्थिति का अंदाजा मिल जाएगा। 2017-18 में जिन छात्र- छात्राओं को नौंवी कक्षा में साइकिल के लिए पैसा दिया गया था अब वे इस साल दसवीं कक्षा में चले गये हैं। जांच अधिकारी को यह देखना है कि जिन विद्यार्थियों ने साइकिल के लिए पैसा लिया उन्होंने असल में खरीदी या नहीं ? अगर साइकिल खरीदी तो उसका स्कूल आने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं या नहीं ? केवल एक दिन में ही ये जांच करनी है। सभी जांच प्रतिवेदन 17 अगस्त को निदेशालय के पास भेज देना है।

सीएम ने 3 अगस्त को साइकिल योजना की पड़ताल के लिए कहा था

मुख्यमंत्री ने 3 अगस्त को कन्या उत्थान योजना कार्यक्रम में कहा था कि सरकार साइकिल के लिए पैसा दे रही है तो उसका सदुपयोग होना चाहिए। उस समय ही सीएम ने कहा था इस योजना के बारे में मिल रही शिकायतों की जांच वे शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव से कराएंगे। इस कार्यक्रम में ही सीएम ने साइकिल राशि में 500 रुपये बढ़ाने की घोषणा की थी। यानी अब साइकिल के लिए 2500 के बदले 3000 हजार रुपये मिलेंगे। सीएम ने कहा था कि सरकार साइकिल खरीदने के लिए पैसा दे रही है तो उससे साइकिल की ही खरीद होनी चाहिए। 

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