कृषि मंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश, आत्मा अन्तर्गत गठित ‘‘कृषक हित समूह’’ के सदस्यों को सरकार की योजनाओं से करें लाभान्वित

कृषि मंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश, आत्मा अन्तर्गत गठित ‘‘कृषक हित समूह’’ के सदस्यों को सरकार की योजनाओं से करें लाभान्वित

GAYA : कृषि मंत्री  डॉ॰ प्रेम कुमार आज राज्य के सभी जिलों के परियोजना निदेशक, आत्मा, उप परियोजना निदेशक, आत्मा, दो प्रखण्ड तकनीकी प्रबन्धक, दो सहायक तकनीकी प्रबन्धक एवं एक किसान पाठशाला संचालक प्रगतिशील किसान से विडियो कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से जुड़कर समीक्षा बैठक की। 

बैठक के दौरान पटना से विशेष सचिव-सह-राज्य नोडल पदाधिकारी, आत्मा, योजना बिहार विजय कुमार, निदेशक, बामेती, बिहार, पटना डा॰ जितेन्द्र प्रसाद सम्मिलित हुये। बैठक मुख्य रुप से आत्मा योजना अन्तर्गत बनेने वाले स्ट्रेटिजिक रिसर्च एण्ड एक्सटेंशन प्लान (एस॰आर॰ई॰पी॰) को बनाने, प्रखण्डों में किसान सलाहाकार समिति के गठन, आत्मा अन्तर्गत प्रखण्ड तकनीकी प्रबन्धक, सहायक तकनीकी प्रबन्धक एवं लेखापाल के नियोजन तथा किसान पुरस्कार योजना की प्रगति की जानकारी ली गई। 

इस मौके पर मंत्री ने कहा कि आत्मा अन्तर्गत प्रत्येक प्रखण्ड में खेती एवं उससे जुडे़ हुये संबद्ध विषयों बकरीपालन, मुर्गीपालन, मषरुम उत्पादन, जैविक सब्जी उत्पादन, मधुमक्खीपालन, औषधीय एवं सगन्धीय पौधों की खेती आदि पर 20 से 25 किसानों को जोड़कर समूह गठित किये जाते हैं। प्रत्येक आत्मा को सभी प्रखण्डों में 6 कृषक हित समूह एवं दो महिला खाद्य सुरक्षा समूह गठित करने का लक्ष्य निर्धारित होता है। 

उन्होंने कहा कि गया जिला में अभी तक 1150 से अधिक समूहों का गठन आत्मा योजना के माध्यम से किया गया है। परन्तु बहुत से समूहों के सदस्यों को सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। समूह में खेती करने वाले किसानों को केन्द्र एवं राज्य सरकार की बहुत सी योजनाओें जैसे कस्टम हायरिंग सेन्टर अन्तर्गत कृषि यंत्र बैंक की स्थापना में 80 प्रतिषत तक अनुदान, विशेष उद्यानिक फसल योजना अन्तर्गत पपीता की खेती, प्रसंस्करण, पैकेजिंग आदि के लिये 90 प्रतिषत तक अनुदान दिये जाने की व्यवस्था की गई है। 

मंत्री ने बैठक में उपस्थित सभी प्रखण्ड तकनीकी प्रबन्धक एवं सहायक तकनीकी प्रबन्धकों से कहा कि वे अपने-अपने प्रखण्डों में गठित समहों के अध्यक्ष एवं सचिव के साथ बैठक कर उन्हें सक्रिय करें, उनकी बैठकों में भाग लें, उनके बैंक खातों को अद्यतन करायें एवं उनकों सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर योजनाओं का लाभ लेने हेतु प्रोत्साहित एवं जागरुक करें। 

गया से मनोज कुमार सिंह की रिपोर्ट

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