अग्निपथ पर बढ़े बवाल के बीच रक्षा मंत्री ने की तीनों सेना प्रमुखों संग बैठक, बिहार से सुशील मोदी भी पहुंचे, जानिए अब तक के बदलाव

अग्निपथ पर बढ़े बवाल के बीच रक्षा मंत्री ने की तीनों सेना प्रमुखों संग बैठक, बिहार से सुशील मोदी भी पहुंचे, जानिए अब तक के बदलाव

पटना. अग्निपथ योजना के खिलाफ बढ़ते आंदोलन को देखते हुए स्थिति का मूल्यांकन करने के लिए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने  शनिवार को सेना प्रमुखों के साथ बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी भी पहुंचे। मोदी बिहार से ताल्लुक रखते हैं जो इस योजना के खिलाफ हिंसक आंदोलन के केंद्र के रूप में उभरा है।

इसे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को योजना का बचाव करते हुए कहा कि इसे पूर्व सैनिकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद लागू किया गया है। सिंह ने कहा कि योजना के संबंध में राजनीतिक कारणों से 'भ्रम' फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह योजना सशस्त्र बलों की भर्ती प्रक्रिया में क्रांतिकारी बदलाव लेकर आएगी। 

रक्षा मंत्री ने कहा कि इस योजना को पूर्व सैनिकों के साथ लगभग दो साल तक विचार-विमर्श करने के बाद लागू किया गया है और इस संबंध में आम सहमति के आधार पर निर्णय लिया गया है। रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि 'अग्निपथ योजना' के तहत भर्ती किए जाने वाले कर्मियों को राज्य सरकारों, निजी उद्योगों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और अर्धसैनिक बलों की विभिन्न नौकरियों में प्राथमिकता दी जाएगी।

इस बीच, सुशील कुमार मोदी ने शनिवार को ट्विट कर अग्निपथ को लेकर व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने की कोशिश की. साथ ही केंद्र सरकार ने जो बदलाव किए हैं उसके बारे में कहा कि पहले 2 वर्ष एवं आज केंद्रीय सुरक्षा बलों और असम राइफ़ल में 3 वर्ष एवं 5 वर्ष की आयु सीमा में छूट के साथ साथ 10 % का अग्निवीरों के लिए आरक्षण से काफ़ी हद तक सेना में बहाली के इच्छुक नौजवानों की चिंता दूर हो जाएगी। गौरतलब है कि अग्निवीर बनने की अधिकतम आयु को 21 वर्ष से बढ़ाकर 23 साल कर दिया गया है. साथ ही गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्रीय सुरक्षा बलों और असम रायफल्स में 10 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा की है. 


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