बाहुबली अनंत सिंह का कबूलनामा - 1979 में पहली बार मर्डर के केस में बना था आरोपी, MLA बनने के बाद होता गया अमीर

बाहुबली अनंत सिंह का कबूलनामा - 1979 में पहली बार मर्डर के केस में बना था आरोपी, MLA बनने के बाद होता गया अमीर

PATNA : बिहार में चुनावी माहौल पूरी तरह गरम है. पहले फेज का चुनाव को लेकर प्रत्याशी जोर शोर से अपनी जीत पक्की करने में जुट गई हैं. ऐसे में मोकाम सीट पर भी 28 अक्टूबर को मतदान होना है. मोकामा बाहुबली अनंत सिंह की सीट है इसलिए यह चर्चे में बना रहता है. बाहुबली विधायक अनंत कुमार सिंह मोकामा विधानसभा से चार दफे लगातार जीत हासिल करने के बाद पांचवीं बार भाग्य आजमा रहें है. तीन बार जदयू, चौथी बार निर्दलीय उम्मीदवार बने और मोकामा पर कब्जा किया. इस बार वो तेजस्वी के साथ हैं और राजद से इस बार चुनावी मैदान में उतर रहे हैं.

अनंत पर है हत्या समेत कुल 38 मामले
बाहुबली अनंत सिंह का आपराधिक इतिहास रहा है. इस बार अनंत सिंह ने जो शपथ पत्र दिया है उसके मुताबिक अनंत सिंह 1979 में पहली बार हत्या के आरोपी बने थे.छोटे सरकार के खिलाफ हत्या का पहला मामला पटना जिले के बाढ़ थाने में दर्ज हुआ था. अबतक इनके खिलाफ सूबे के विभिन्न जिलों में कुल 38 मामले दर्ज हैं. जिनमें पटना जिले में 34,लखीसराय 2,गया और मुंगेर में एक-एक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या के 6 मामले शामिल हैं. कई में इनके खिलाफ आरोप सिद्ध नहीं हुआ है. इसके साथ ही अनंत सिंह विधायक बनने से पहले वो 12 आपराधिक मामलों के आरोपित रहे.


मोकामा विधानसभा से राजद प्रत्याशी अनंत कुमार सिंह अपने शपथ में बताया है कि 2005 तक उनके पास 2 लाख रुपये नकद,15 लाख की पॉलिसी और सौ ग्राम गोल्ड था। जबकि विधायक बनने के बाद 15 सालों में कुल चल सम्पत्ति 9 करोड़ 64 लाख हो गई। जिनमें खरीदगी अचल संपत्ति का मूल्य 56 लाख है। विरासत में उन्हें 27 लाख 50 हजार की सम्पत्ति मिली। उनपर सरकारी बकाया 7 लाख 59 हजार है। जबकि 40 लाख रुपये का बैंक का कर्ज है. 


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