ऐसे कैसे साकार होगा स्वच्छ भारत का सपना? शौचालय निर्माण की राशि भेजने के नाम पर अवैध वसूली का आरोप

ऐसे कैसे साकार होगा स्वच्छ भारत का सपना? शौचालय निर्माण की राशि भेजने के नाम पर अवैध वसूली का आरोप

SUPAUL: एक तरफ जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार में अपनी योजनाओं को पूरा करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ इसके क्रियान्वयन को लेकर जिम्मेदार पदाधिकारी योजना राशि के बंटरबांट में लगे हैं। ताजा मामला सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज प्रखंड में शौचालय निर्माण के लिए मिलने वाली सहायता राशि के नाम पर अवैध वसूली का है।

गौरतलब है कि शौचालय निर्माण के लिए बिहार सरकार की तरफ से प्रोत्साहन राशि बारह हजार रुपये निर्धारित की गई है। परंतु लाभुकों को इसका उचित लाभ नहीं मिल पा रहा है।ग्रामीणों का आरोप है कि लाभुकों के खाते में बारह हजार देने से पूर्व ही उनसे मोटी रकम वसूल की जा रही है। वहीं मना करने पर कोई ना कोई अड़ंगा लगा कर उनकी प्रोत्साहन राशि रोक दी जा रही है। किसी से दो हजार, किसी से तीन हजार रुपये वसूले जा रहे हैं।

 प्रखंड के महेशुआ पंचायत के वार्ड नंबर 11 निवासी अशोक राम और मानगंज पश्चिमी पंचायत के वार्ड नंबर 5 के वार्ड सदस्य पति रुपेश सरदार ने ऐसा ही आरोप पदाधिकारियों पर लगाया है। अशोक राम ने बताया कि वे पिछले 9 महीनों से शौचालय राशि को लेकर कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। राशि भुगतान के एवज में उनसे पैसे की मांग की जा रही है। कुछ ऐसा ही आरोप रुपेश सरदार ने भी लगाया है। 

बताया जा रहा है कि शौचालय निर्माण की सहायता राशि को लेकर गांव के गरीब शिकायत करने प्रखंड स्तर के अधिकारियों के पास पहुंचते हैं लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं देता है। शौचालय योजना में धांधली को लेकर लाभुकों द्वारा प्रखंड कार्यालय में कई शिकायतें दर्ज कराई गई है। लेकिन किसी एक पर भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। हालांकि पदाधिकारी इस मामले पर कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं।

त्रिवेणीगंज से प्रशांत की रिपोर्ट



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