बिहार के लॉ कॉलेजों की संबद्धता को लेकर बार काउंसिल करेगी संस्थानों का निरीक्षण, हाईकोर्ट ने तीन सप्ताह में मांगी रिपोर्ट

बिहार के लॉ कॉलेजों की संबद्धता को लेकर बार काउंसिल करेगी संस्थानों का निरीक्षण, हाईकोर्ट ने तीन सप्ताह में मांगी रिपोर्ट

PATNA : राज्य के सभी सरकारी व निजी 27 लॉ कालेजों की संबद्धता के मामले पर पटना हाईकोर्ट में सुनवाई की।  कुणाल कौशल की जनहित याचिका पर चीफ जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया को तीन सप्ताह में निरीक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। साथ ही कोर्ट ने  कॉउन्सिल को जिन कॉलेजो को पढ़ाई जारी करने की अनुमति दी है, वहां  व्यवस्था व सुविधाओं के सम्बन्ध में हलफनामा दायर करने को कहा है। 

पिछ्ली सुनवाई में कोर्ट ने सभी लॉ कालेजों को  बार काउंसिल ऑफ इंडिया के समक्ष एक सप्ताह में निरीक्षण हेतु आवेदन देने   का निर्देश दिया था। साथ ही  बार काउंसिल ऑफ इंडिया इन कालेजों का वर्चुअल या फिजिकल निरीक्षण करने का निर्देश दिया था। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के निरीक्षण कमेटी का रिपोर्ट बार काउंसिल ऑफ इंडिया के संबंधित कमेटी के समक्ष प्रस्तुत किया जाना  था। यह कमेटी इनके रिपोर्ट पर निर्णय लेगी। बार काउंसिल ऑफ इंडिया यह भी देखना था कि विधि शिक्षा, 2008 के नियमों का पालन इन शिक्षण संस्थानों में किया जा रहा है या नहीं।  इन लॉ कालेजों को पुनः चालू करने के लिए अस्थाई अनुमति देते हुए बार काउंसिल ऑफ इंडिया किसी प्रकार के नियमों में ढील नहीं देगी। 

 इससे पहले  पटना हाईकोर्ट ने राज्य के सभी सरकारी व निजी लॉ कालेजों में नामांकन पर  रोक लगा दिया था। साथ ही चांसलर कार्यालय, राज्य सरकार, संबंधित विश्वविद्यालय व अन्य से जवाब तलब किया  था। इससे पूर्व बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने कोर्ट के समक्ष रिपोर्ट पेश किया था, जिसमें यह कहा गया था कि राज्य में जो लॉ कालेज हैं, उनमें समुचित व्यवस्था नहीं है। योग्य शिक्षकों व प्रशासनिक अधिकारियों की भी काफी कमी हैं। इसका असर लॉ की पढ़ाई पर पड़ रहा है। साथ ही साथ बुनियादी सुविधाओं की भी कमी है। 

याचिकाकर्ता के वकील दीनू कुमार ने कोर्ट को बताया कि राज्य के किसी भी सरकारी व निजी लॉ कालेजों में रूल्स ऑफ लीगल एजुकेशन, 2008 के प्रावधानों का पालन नहीं किया जा रहा है। कोर्ट में मामले में अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद की मुकर्रर की है



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