भोजन है प्रकृति का सबसे कीमती उपहार, भूल कर भी न करें इसका तिरस्कार

भोजन है प्रकृति  का सबसे कीमती उपहार, भूल कर भी न करें इसका तिरस्कार

डेस्क... अन्न को ईश्वर के समान माना जाता है अग्नि द्वारा पकाए गए अन्न पर सबसे पहला अधिकार अग्नि का ही होता है। कभी भी अन्न का अनादर न होने पाए इसका सदैव ध्यान रखें. कहा जाता है कि अन्न के एक दाने भर से भी किसी को जीवनदान दिया जा सकता है.ऐसे तो प्रकृति ने मनुष्य को भोजन के रूप में जीवन के लिए जरूरी सबसे बड़ा और कीमती उपहार दिया है, लेकिन आजकल भागदौड़ और तेज रफ़्तार  भरी जिंदगी में हम अक्सर इसके महत्त्व को अनदेखा कर देते हैं।नतीज़ा हम स्वस्थ सम्बंधित कई समस्याओं से जूझते रहते है .वास्तु में भोजन बनाने और भोजन करने को लेकर कुछ टिप्स और उपाय बताए गए हैं, आइए जानते हैं इनके बारे में जिसे जीवन में पालन करके हम खुश,सुखी और धन-धान्य से संपन्न रह सकते है. 

हमेशा भोजन करने से पहले अन्न देवता और अन्नपूर्णा माता को धन्यवाद दें।उनका मन से ध्यान करे और भोजन करने से पहले भगवान को इसका भोग लगावें .कभी भी भोजन का तिरस्कार न करे पूर्व दिशा की ओर मुख कर भोजन करना सबसे शुभ माना जाता है. ऐसा करने से स्वास्थ्य लाभ तो होता ही है, भगवान की कृपा भी प्राप्त होती है. मान्यता है कि पूर्व दिशा की ओर मुख कर भोजन करने से आयु की वृद्धि होती है.  भोजन करने से पहले हमेशा  हाथ, पैर और मुंह को धोएं। इसके पश्चात ही भोजन ग्रहण करें. गीले पैरों के साथ भोजन करने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है. जमीन पर बैठकर ही भोजन ग्रहण करें. बिस्तर पर बैठकर भोजन न करें. ऐसा करने से घर में अशांति आती है. भोजन बनाते समय मन को शांत रखें और परिवार के अच्छे स्वास्थ्य की कामना करें कभी भी टूटे या गंदे बर्तन में भोजन न करें. 

रसोईघर में कभी भी अनुपयोगी चीजें न रखें रसोइघर में टूटे फूटे बर्तन या झाडू ना रखें. किचन में प्लाटिक के बर्तन या डिब्बे नहीं रखना चाहिए। रसोईघर में अन्नपूर्णा माता का चित्र लगाएंगे तो घर में बरकत बनी रहेगी। भोजन करने के बाद थाली में कभी हाथ न धोएं. कभी जूठन न छोड़ें रसोईघर में नल से पानी का टपकना आर्थिक क्षति का संकेत है।  खाना बनाते समय अगर भोजन बनाने में रुचि नहीं है तो परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य खराब रहता है. भोजन भंडार गृह में डिब्बे या कनस्तर खाली न रहने दें। भोजन में से गाय, कुत्ते, चींटी और पक्षियों को प्रतिदिन भोजन खिलाएं.


गाय को प्रतिदिन रोटी खिलाने से आर्थिक संकट दूर होते हैं। स्वस्थ जीवन जीने के लिए भोजन में सफेद खाद्य पदार्थों का सेवन कम से कम करें. स्वादिष्ट न होने पर भी भोजन का कभी तिरस्कार न करें. भोजन में प्रयुक्त होने वाला नमक घर की नकारात्मक ऊर्जा को भी दूर करने में सहायक है. यदि घर में नकारात्मक ऊर्जा का आभास हो रहा हो तो शीशे के बर्तन में नमक डालकर घर के किसी भी कोने में रख दें. इसके अलावा समुद्री नमक जिसे  आम भाषा में (डली वाला नमक) कहा जाता है उसे लाल रंग के कपड़े में बांधकर घर के मुख्य द्वार पर लटका देने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश नहीं होता है. बच्चों के स्नान के पानी में जरा सा नमक डाल दें तो बच्चे सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण रहते है |रसोईघर में पानी और आग को कभी भी पास नहीं रखना चाहिए। डस्टबिन को रसोईघर से बाहर रखें. रसोईघर की दीवारों का रंग पीला, नारंगी या गेरुआ रखें. रसोईघर में पूजा का स्थान न बनाएं. याद रखे स्वस्थ रहने की चाभी रसोई घर के पास ही होती है .

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