भोजपुरी गायक पवन सिंह नहीं लड़ेंगे लोकसभा चुनाव, भाजपा ने बनाया था उम्मीदवार, महिलाओं पर अभद्र, अश्लील और ओछे गीत गाने का आरोप
पटना. भोजपुरी फिल्मों के गायक और अभिनेता पवन सिंह ने भाजपा से चुनाव नहीं लड़ने का फैसला लिया है. भाजपा द्वारा उम्मीदवार घोषित किए जाने के एक दिन बाद ही पवन सिंह ने चुनाव मैदान से पैर पीछे खींच लिए. भाजपा ने शनिवार को घोषित लोकसभा उम्मीदवारों की पहली सूची में पश्चिम बंगाल के आसनसोल संसदीय क्षेत्र से पवन सिंह को उम्मीदवार बनाया था. इस पर ख़ुशी व्यक्त करते हुए पवन सिंह ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार जताया था. लेकिन उसके अगले दिन यानी रविवार को अब पवन सिंह ने चुनाव से पांव पीछे खींच लिए. उन्होंने कहा, भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को दिल से आभार प्रकट करता हूँ. पार्टी ने मुझ पर विश्वास करके आसनसोल का उम्मीदवार घोषित किया लेकिन किसी कारण वश में आसनसोल से चुनाव नहीं लड़ पाऊंग.
आसनसोल से टीएमसी के शत्रुघ्न सिन्हा सांसद हैं जो सिमेमा जगह से आते हैं. भाजपा ने उनके मुकाबले सिनेमा क्षेत्र से ही आने वाले पवन सिंह को उम्मीदवार बनाया था. लेकिन पवन सिंह के नाम की घोषणा के साथ ही टीएमसी ने मोर्चा खोल दिया और पवन सिंह को महिला विरोधी बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा को निशाने पर लिया. पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी की ओर से रविवार को सुबह ही पवन सिंह को महिलाओं पर अभ्रद, अश्लील और ओछी टिप्पणी करने वाला बताया गया और दोपहर होते ही पवन सिंह ने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला लिया.
दरअसल, टीएमसी की सागरिका घोष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लेते हुए ट्विट किया. उन्होंने लिखा, पीएम नरेंद्र मोदी बंगाल पहुंचे और “नारी शक्ति” पर जोर दिया। अगले दिन भाजपा आसनसोल से एक उम्मीदवार को मैदान में उतारती है, जिसे वीडियो में दिखाया गया है, जिसमें बंगाली महिलाओं को "बंगाल वाली माल" कहा जाता है। यही भाजपा की नारी शक्ति का स्टाइल है. इसमें सागरिका ने पवन सिंह पर फिल्माए म्यूजिक गानों के बैनर पोस्टर पोस्ट किए हैं जिसका शीर्षक ‘बंगाल वाली माल, सवतीन बंगलिया से, बंगाल से लियायेम सवतीन, बंगाल के पानी'. एक अन्य ट्वीट में सागरिका ने पवन सिंह के गानों में बंगाल की महिलाओं के लिए बोले गए बोल का हवाला देकर पूछा है कि क्या ऐसा व्यक्ति संसद में विधायक बनकर बैठेगा?
सागरिका घोष ने रविवार सुबह ये ट्वीट किए और दोपहर होते होते पवन सिंह बैकफुट पर आ गए. उन्होंने आसनसोल से चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा की. सूत्रों का कहना है कि पवन सिंह का यह निर्णय सागरिका घोष की आपत्ति के बाद ही आया है. संभवतः भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की ओर से पवन सिंह को इसका संकेत दिया गया कि वे मैदान से हट जाएं जिसके बाद वे चुनाव से पीछे हट गए.
वहीं पवन सिंह के चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा के तुरंत बाद सागरिका ने फिर से मोर्चा खोला; उन्होंने लिखा, आज की ताजा खबर। टीएमसी का असर! भाजपा के आसनसोल उम्मीदवार ने अपने लिंगभेदी स्त्रीद्वेषी वीडियो पर भारी विरोध के बाद अपना नाम वापस ले लिया। बंगाल में भाजपा का "नारी शक्ति" का आह्वान अब धराशायी हो गया है, पता चल गया है कि यह खोखला और निरर्थक है।