बड़ा खुलासाः पटना MVI ने मुजफ्फरपुर के थाने में बंद ट्रक का दिया फिटनेस प्रमाण पत्र! परिवहन विभाग शो-कॉज पूछ हो गया चुप

बड़ा खुलासाः पटना MVI ने मुजफ्फरपुर के थाने में बंद ट्रक का दिया फिटनेस प्रमाण पत्र! परिवहन विभाग शो-कॉज पूछ हो गया चुप

PATNA: बिहार के परिवहन विभाग में अजूबा काम होता है. पटना डीटीओ दफ्तर ने वैसी गाड़ी को निबंधित किया था जिस गाड़ी को कंपनी ने बनाई ही नहीं थी। इस खुलासे के बाद अब एक और आरोप लगा है।पटना के एमवीआई पर दूसरे जिले के थाने में जब्त गाड़ी को फिटनेस जारी करने का आरोप लगा है। साक्ष्य के साथ जब विभाग में शिकायत की गई तो शो-कॉज पूछकर विभाग ने चुप्पी साध ली। जिस एमवीआई पर मुजफ्फरपुर के थाने में जब्त गाड़ी का फिटनेस प्रमाण पत्र देने का आरोप लगा उन्होंने जो सफाई दी है वो और भी चौंकाने वाला है। वैसे फिटनेस में गड़बड़ी करने का आरोप कोई नया नहीं है. बिहार में गाड़ियों को फिट बिना जांचे ही सिर्फ एमवीआई के साईन से कर ली जाती है। परिवहन विभाग सबकुछ जानते हुए भी चुपचाप गड़बड़ी को देख रहा। एक तरफ जहां सारा सरकारी सिस्टम ऑनलाइन है,परिवहन विभाग भी दावा करता है कि गड़बड़ी रोकने के लिए ऑनलाइन माध्यम से काम हो रहा। लेकिन जहां सबसे अधिक गड़बड़ी हो रही यानी फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने काम ऑफलाइन कर रहा। मतलब साफ है कि विभाग एमवीआई को फिटनेस प्रमाण पत्र में गड़बड़ी करने की खूली छूट दे दी है। 

तो पटना एमवीआई ने थाने में बंद ट्रक का दिया फिटनेस?

बिहार ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष की तरफ से परिवहन विभाग में शिकायत दर्ज कराई गई थी। पटना के एमवीआई मृत्युंजय कुमार सिंह पर आरोप लगाया था कि मुजफ्फरपुर के आदर्श नगर थाना क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हुई गाड़ी संख्या यूपी- 60T4830 ट्रक जो 2 जुलाई 2019 को आदर्श नगर थाने में जब्त कर रखा गया था उस गाड़ी का फिटनेस प्रमाण पत्र दिया गया।  4 जुलाई 2019 को जिला परिवहन कार्यालय पटना के काउंटर पर चलान जमा किया गया तथा 5 जुलाई 2019 को एमवीआई मृत्युंजय सिंह के द्वारा गाड़ी का निरीक्षण किया गया. निरीक्षण की तारीख फिटनेस प्रमाण पत्र पर दर्शाया गया है. 6 जुलाई 2019 को उस गाड़ी का एमवीआई मृत्युंजय कुमार सिंह द्वारा फिटनेस प्रमाण पत्र 6 जुलाई 2019 से 4 जुलाई 2021 तक निर्गत किया गया है. 

थाने के पत्र से खुलासा

19 अगस्त 2019 को सिकंदरपुर आदर्श नगर थाना मुजफ्फरपुर की पुलिस ने मोटरयान निरीक्षक मुजफ्फरपुर को नगर थाना कांड संख्या 572-2019 के तहत ट्रक संख्या- यूपी- 60T4830 की यांत्रिक जांच के संबंध में एमवीआई मुजफ्फरपुर को पत्र लिखा था।ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि जब गाड़ी दूसरे जिले के थाने में जब्त है तो पटना एमवीआई ने किस परिस्थिति में 5 जुलाई 2019 को गाड़ी का निरीक्षण किया और उसका फिटनेस प्रमाण पत्र जारी किया. इसमें भारी गड़बड़ी की गई है. यह जांच का विषय है कि थाने में बंद ट्रक का फिटनेस प्रमाण पत्र कैसे निर्गत हुआ? आरोपी एमवीआई के केस दर्ज करें।

एमवीआई का जवाब चौंकाने वाला

शिकायक के बाद परिवहन विभाग के ऊप सचिव ने जनवरी 2021 में ही गड़बड़ी करने के आरोपी पटना के एमवीआई मृत्युंजय कुमार सिंह से स्पष्टीकरण पूछा था। दो बार स्पष्कीरण पूछे जाने के बाद पटना एमवीआई ने शो-कॉज का जवाब दिया। उनका जवाब चौंकाने वाला था। विभाग ने जवाब पूछ कर अपनी जवाबदेही खत्म कर ली। मानो अब उसे इस तरह के मामलों से कोई मतलब नहीं रहा। पटना एमवीआई ने जो जवाब दिये उसके अनुसार हमने सही गाड़ी का फिटनेस प्रमाण पत्र जारी किया लेकिन वाहन स्वामी ने फर्जी काम किया। पटना के एमवीआई ने विभाग को दिये अपने जवाब में लिखा है कि वाहन संख्या- यूपी- 60T4830 का फिटनेस प्रमाण पत्र गाड़ी के भौतिक सत्यापन कर चेचिस संख्या पेंसिल प्रिंट फॉर्म 50-2 पर लेने के बाद निर्गत किया गया. वाहन स्वामी द्वारा किसी अन्य वाहन पर निबंधन संख्या एवं चेचिस पंच कर दो वाहनों को चलाने का मामला प्रतीत होता है। मतलब पटना एमवीआई ने अपने जवाब में लिखा कि थाने में जब्त गाड़ी का चेचिस नंबर ही गलत है। परिवहन विभाग शो-कॉज प्राप्त कर फिर से गहरी निद्रा में सो गया। 

फिटनेस प्रमाण पत्र ऑनलाइन जारी करने में क्या है मजबूरी? 

बड़ा सवाल यही है कि आखिर यह फर्जीवाड़ा कब तक चलेगा। वैसे लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई के नाम पर हाकिमों को पसीना क्यों छूटने लगता है ? परिवहन विभाग में अन्य सभी काम ऑनलाइन तो केवल फिटनेस प्रमाण पत्र ऑफलाइन क्यों.... क्या इसके पीछे कोई खास मकसद है? 

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