अमूल को लगा सबसे बड़ा झटका, करोड़ों लोगों ने किया ऐलान - नहीं खरीदेंगे अमूल का कोई उत्पाद, #GoBackAmul

DESK. देश की सबसे बड़ी दुग्ध सहकारी समितियों में एक अमूल को बड़ा झटका लगा है. अमूल के उत्पादों का भारी बहिष्कार शुरू हो गया है. स्थिति है कि ट्विटर पर #GoBackAmul ट्रेंड कर रहा है. अमूल के खिलाफ एक साथ करोड़ों लोगों का विरोध में उतरने का कारण भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बने हैं. अमित शाह की टिप्पणी लोगों को इस कदर नागवार गुजरी है कि अब कर्नाटक में अमूल के खिलाफ सड़क से सोशल मीडिया तक विरोध शुरू हो गया है. खान-पान, पर्यटन और आतिथ्य से जुड़े कई संगठनों ने एक साथ आकर अमूल के उत्पादों का बहिष्कार कर दिया है. 

दरअसल, पिछले दिनों अमित शाह कर्नाटक गए थे तो उन्होंने कहा कि गुजरात मूल की सहकारी कंपनी अमूल का विस्तार कर्नाटक में होगा. कहा गया कि उन्होंने यह भी कहा कि कर्नाटक मिल्क फेडरेशन को अमूल के साथ मिलकर काम करना चाहिए. शाह का यह बयान कर्नाटक के राजनेताओं के साथ ही आम लोगों को भी नागवार गुजरा. कर्नाटक मिल्क फेडरेशन के उत्पाद नंदिनी ब्रांड से बिकते हैं. नंदिनी के दूध, दही, घी, मिठाई आदि सिर्फ कर्नाटक में उत्पादित दूध से बनते हैं और लाखों पशुपालक इससे जुड़े हैं. नंदिनी के उत्पादों को देश सबसे बेहतरीन दुग्ध उत्पादों में माना जाता है. ऐसे में कर्नाटक के लोगों ने अमूल को बाहरी बताकर और इसे कर्नाटक की अस्मिता से जोड़कर विरोध शुरू कर दिया. 

अमूल का कर्नाटक में प्रवेश नंदिनी को समाप्त करने की साजिश बताकर लोगों ने अमूल का खुला विरोध शुरू कर दिया है. अब विधानसभा चुनाव का सामना कर रहे कर्नाटक में अमूल को लेकर राजनीति हो रही है. दरअसल कांग्रेस और जेडीएस द्वारा स्थानीय किसानों और पशुपालकों के हितों के लिए अमूल की राज्य में एंट्री पर रोक लगाने की मांग की जा रही है. वहीं आम लोगों का भी इसे जोरदार समर्थन मिल रहा है. 

इस बीच, बृहत बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन ने फैसला किया है कि अब वह सिर्फ स्थानीय डेयरी ब्रांड नंदिनी का ही  इस्तेमाल करेंगे. स्थानीय किसानों को समर्थन के लिए बृहत बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन ने यह फैसला किया है. वहीं, ट्विटर पर #GoBackAmul और #SaveNandini जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहा है. सोशल मीडिया पर लोगों का दावा है कि अमूल डेयरी की एंट्री से स्थानीय ब्रांड और किसान तबाह हो सकते हैं. अमूल पर अब राज्य में हंगामा बरपा है. 

नंदिनी के साथ कर्नाटक के लोगों का भावनात्क जुड़ाव रहा है. अब देश में अमूल को जिन कुछ प्रमुख सहकारी संघों से कड़ी प्रतिस्पर्धा मिलती है उसमें नंदिनी सबसे प्रमुख है. ऐसे में जब अमित शाह की ओर से कर्नाटक मिल्क फेडरेशन के ब्रांड 'नंदिनी मिल्क' और गुजरात के 'अमूल' के बीच सहयोग की अपील की तो लोगों ने इसे नंदिनी के अस्तित्व को समाप्त कर गुजरात के ब्रांड को जबरन कर्नाटक पर थोपने की बातें कही. 

ट्विटर पर चल रहे सोशल मीडिया विरोध में प्रधानमंत्री मोदी को टैग करते लोगों ने लिखा है कि “@PMOIndia @narendramodi, @HMOIndia @AmitShah और उनकी डबल इंजन सरकार से सावधान रहें. वे कन्नडिगाओं की सभी संपत्तियों को बेच देंगे. हमारे बैंकों को नष्ट करने के बाद, अब वे नंदिनी केएमएफ - हमारे किसानों द्वारा निर्मित एक ब्रांड को नष्ट करने के लिए दृढ़ हैं. गौरतलब है कि इसके पहले स्टेट बैंक ऑफ़ मैसूर का विलय एसबीआई में कर दिया गया जबकि स्टेट बैंक ऑफ़ मैसूर देश में सबसे पुरानी बैंकिंग सेक्टर रही है. ऐसे में अब लोगों को डर है कि वही हाल कर्नाटक के अपने विशेष पहचान वाले नंदिनी के साथ होगा.