लोकसभा सीट बंटवारे पर बिहार बीजेपी कोर कमिटी की बैठक आज, शाह और नड्डा लेंगे बड़ा फैसला, एनडीए घटक दलों की बढ़ेगी टेंशन

लोकसभा सीट बंटवारे पर बिहार बीजेपी कोर कमिटी की बैठक आज, शाह

पटना. लोकसभा चुनाव में बिहार की 40 सीटों पर एनडीए के घटक दलों में सीट बंटवारे का फॉर्मूला क्या होगा इसे लेकर गुरुवार को दिल्ली में भाजपा की बड़ी बैठक होगी. लोकसभा चुनाव को लेकर दिल्ली में बिहार बीजेपी के कोर कमिटी की बैठक होनी है. इसमें गृहमंत्री अमित शाह, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा और बी एल संतोष की मौजूदगी की संभावना है. बैठक में बिहार में बीजेपी कोटे की सीटों पर चर्चा होगी. सूत्रों के मुताबिक बिहार में बीजेपी 17 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है. हालांकि पिछले लोकसभा चुनाव 2019 में बीजेपी जिन-जिन सीटों पर चुनाव लड़ी थी इस बार उसमें कुछ बदलाव भी हो सकता है. बिहार भाजपा से जुडी आज की बैठक के बाद शुक्रवार को दिल्ली में केंद्रीय चुनाव समिति की दूसरी मीटिंग होगी, जिसमें बिहार को लेकर भी चर्चा होगी. बैठक में शामिल होने के लिए बिहार के दोनों डिप्टी सीएम समेत बिहार बीजेपी कोर कमिटी के सभी नेता आज दिल्ली पहुंचेंगे. बैठक पर एनडीए घटक दलों की भी नजर रहेगी. अगर उनकी मांगों के अनुरूप फैसला नहीं होगा तो यह एनडीए में उथलपुथल मचा सकता है. 

17 सीटों से कम मंजूर नहीं : भाजपा ने पिछले लोकसभा चुनाव में बिहार में 17 सीटों पर उम्मीदवार उतारा था. सभी 17 सीटों पर भाजपा को जीत भी मिली थी. पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस बार भी कम से कम 17 सीटों पर चुनाव लड़ा जाएगा. मुजफ्फरपुर, मधुबनी, बक्सर, सासाराम, पश्चिम चम्पारण, बेगूसराय, दरभंगा, महाराजगंज, उजियारपुर, अररिया, आरा, सारण, पाटलिपुत्र, शिवहर, पटना साहिब, औरंगाबाद संसदीय सीटों पर भाजपा को जीत मिली थी. भाजपा इस बार अपने सीटों में कुछ बदलाव कर सकता है. पार्टी कुछ नए संसदीय क्षेत्रों में उम्मीदवार उतारने की रणनीति बना सकती है. वहीं अपनी कुछ जीती हुई सीटें घटक दलों के लिए छोड़ सकती है. 

जदयू भी 17 सीट पर लड़ेगी चुनाव : भाजपा की तरह जदयू भी 17 लोकसभा सीटों पर अपना दावा ठोक रही है. पिछले चुनाव में पार्टी ने 17 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 16 सीटों पर जीत मिली थी. जदयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने एक दिन पहले ही संकेत दिए थे कि जिन सीटों पर जदयू को जीत मिली थी उस पर इस बार भी हमारी पार्टी के उम्मीदवार उतरेंगे. ऐसे में भाजपा अगर कुछ सीटों की अदला बदली करने की रणनीति बनाती है तो इसके लिए जदयू से सामंजस्य बनाना होगा. 

चिराग बने टेंशन : भाजपा और एनडीए के लिए बिहार में फ़िलहाल चिराग पासवान ने टेंशन बढ़ा रखा है. पिछले लोकसभा चुनाव में लोजपा को 6 सीटें मिली थी. लेकिन अब चिराग और उनके चाचा पशुपति पारस दो गुट में बंट गए हैं. ऐसे में चिराग फिर से अपने लिए 6 सीटों की मांग कर रहे हैं जिसे पूरा करना मुश्किल दिखता है. पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो बार बिहार दौरा किया लेकिन मोदी के हनुमान कहे जाने वाले चिराग पासवान ने उनके कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी. अब तक चिराग पासवान और पशुपति पारस में कोई ऐसा समझौता भी नहीं हुआ है जिससे दोनों एक साथ आएं. यही भाजपा की टेंशन है. यहां तक कि राजद की ओर से भी संकेत दिए गए हैं कि अगर चिराग पासवान उनके साथ आते हैं तो स्वागत किया जाएगा.

मांझी और कुशवाहा की बड़ी मांग : पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा और पूर्व मंत्री उपेंद्र कुशवाहा भी एनडीए में शामिल हैं. दोनों की ओर से कई लोकसभा सीटों पर दावा ठोका जा रहा है. हालांकि उनकी मांग कहां तक मानी जाएगी यह बड़ा पेंच है. सूत्रों का कहना है कि दोनों को एक –एक या मांझी को दो और कुशवाहा को एक सीट देने की भाजपा की योजना है.