बिहार सरकार का स्टैंड क्लियर: शिक्षकों के आगे से 'नियोजित' शब्द भले हट गया पर 'स्थिति' में कोई परिवर्तन नहीं,जानें...

बिहार सरकार का स्टैंड क्लियर: शिक्षकों के आगे से 'नियोजित' शब्द भले हट गया पर 'स्थिति' में कोई परिवर्तन नहीं,जानें...

Patna: बिहार सरकार ने नियोजित शिक्षकों के आगे से नियोजित शब्द हटा दिया है। इसके बाद भी वे शिक्षक बिहार सरकार के कर्मी नहीं हैं। 2006 से लेकर अब तक के बहाल शिक्षकों को शिक्षा विभाग ने अपना कर्मी मानने से इनकार किया है।

 शिक्षा विभाग ने एक बार फिर से साफ किया है कि नियोजन शब्दावली विलोपित किए जाने के बाद भी कर्मी की स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। अब भी वे शिक्षक जिला परिषद, नगर निगम, नगर परिषद, नगर पंचायत के कर्मी माने जाएंगे। शिक्षा विभाग के माध्यमिक शिक्षा निदेशक गिरिवर दयाल सिंह ने आज एक पत्र जारी किया है। उच्च शिक्षा निदेशक ने इस संबंध में केंद्रीय विद्यालय संगठन के उपायुक्त वाई. अरुण कुमार को पत्र भेजा है जिसमे इन शिक्षकों की स्थिति स्पष्ट की गई है।

 पत्र में कहा गया है कि वर्ष 2006 एवं उसके बाद से बिहार के विभिन्न जिलों में नियुक्त शिक्षकों की सेवा स्थिति के संबंध में स्पष्ट करना है। दरअसल केंद्रीय विद्यालय संगठन कंकड़बाग के उपायुक्त ने शिक्षा विभाग को पत्र लिखा था, जिसमें 20 अगस्त 2020 को जारी अधिसूचना के माध्यम से वर्ष 2006 एवं इसके बाद के स्कूलों में नियुक्त शिक्षकों की सेवा शर्त को पुनरीक्षित कर नियोजित शब्दावली विलोपित किए जाने के उपरांत उक्त कोटि के शिक्षकों के संबंध में स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया गया था। उस पत्र के आलोक में उच्च माध्यमिक माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने पूरी स्थिति स्पष्ट की है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि संबंधित कर्मी जिला परिषद, नगर निगम, नगर परिषद एवं नगर पंचायत के कर्मी माने जाएंगे ।उक्त अधिसूचना से संबंधित कर्मी की स्थिति में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है।

Find Us on Facebook

Trending News