बिहार सरकार ने 'केंद्र' से की मांग, नई शिक्षा नीति 2020 में पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका को करें स्पष्ट

बिहार सरकार ने 'केंद्र' से की मांग, नई शिक्षा नीति 2020 में पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका को करें स्पष्ट

PATNA: केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने आज राज्यों के साथ बैठक की। कोरोना संकट में शैक्षणिक प्रबंधन, डिजिटल शिक्षा तथा नई शिक्षा नीति 2020 पर चर्चा की गई। बिहार की तरफ से शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस बैठक में जुड़े.

नई शिक्षा नीति 2020 में पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका को करें स्पष्ट

 उन्होंने केंद्र सरकार को बताया कि बिहार ने संविधान के 73 वें और 74 वें संशोधन के आलोक में स्कूली शिक्षकों की नियुक्ति एवं नियंत्रण का दायित्व पंचायती राज संस्थाओं को सौंप दिया है .नई शिक्षा नीति- 2020 में पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका का स्पष्ट उल्लेख नहीं है. अपर मुख्य सचिव ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से अनुरोध किया कि पंचायती राज संस्थाओं को शक्ति के हस्तांतरण के आलोक में नई शिक्षा नीति 2020 में संस्थाओं की भूमिका को स्पष्ट किया जाए .

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार ने केंद्र सरकार से बच्चों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई हेतु डिजिटल डिवाइस देने के लिए समग्र शिक्षा के अंतर्गत प्रावधान करने का अनुरोध किया. सरकार के द्वारा इस आशय का प्रस्ताव समग्र शिक्षा अभियान के तहत 2021-22 के लिए प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड में उपस्थापित किया जाएगा. बिहार सरकार ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को अवगत कराया कि बिहार में दसवीं और बारहवीं बोर्ड की परीक्षाएं फरवरी-2021 में संपन्न कराई जा चुकी हैं एवं परीक्षाफल प्रकाशित किया जा चुका है.

उन्होंने बताया कि पिछले शैक्षणिक सत्र में विद्यालय नहीं चलने के कारण बच्चों में हुए लॉस ऑफ लर्निंग प्रतीत हुआ है. इसे कम करने के लिए अप्रैल 2021 से 3 माह के कैचप कोर्स की संपूर्ण तैयारी कर ली गई थी लेकिन विद्यालय बंद होने के कारण इसे प्रारंभ नहीं किया जा सका. फिलहाल कक्षाएं दूरदर्शन बिहार तथा ऑनलाइन एप के माध्यम से जारी हैं. लेकिन बड़ी संख्या में बच्चे इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं. इसका मुख्य वजह सरकारी स्कूल के बच्चों के पास डेडीकेटेड इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का नहीं होना है.

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