बिहार के DEO-DPO ने अरबों रु खर्च किया पर नहीं दिया उपयोगिता प्रमाण पत्र, अब ऐक्शन की तैयारी

बिहार के DEO-DPO ने अरबों रु खर्च किया पर नहीं दिया उपयोगिता प्रमाण पत्र, अब ऐक्शन की तैयारी

Patna: बिहार सरकार के अधिकारी राशि खर्च करने में आगे रहते हैं लेकिन राशि कहां खर्च हुई यह जानकारी देने से परहेज करते हैं। शिक्षा विभाग इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। शिक्षा विभाग के अधिकारी पैसा तो बहुत तेजी से खर्च करते हैं लेकिन उसका उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करने में आनाकानी करते हैं। अब एक बार फिर से शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी और डीपीओ को चेतावनी दी है कि 1 सप्ताह के अंदर प्रोत्साहन,मेधावृति व कन्या उत्थान योजना की राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करें। 

कई सालों से दबाकर रखे हैं उपयोगिता प्रमाण पत्र

 शिक्षा विभाग ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि खर्च का उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा करने को लेकर 2019 और 2020 में कई बार पत्र लिखा गया । लेकिन DEO और DPO ने उपयोगिता जमा करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। वित्त विभाग ने इस पर गंभीर आपत्ति जताई है और शिक्षा विभाग को वैसे लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई करने को कहा है।

लापरवाह अधिकारियों पर होगी विभागीय कार्रवाई

शिक्षा  विभाग के अपर सचिव गिरिवर दयाल सिंह अब पत्र लिखा है और कहा है कि 7 दिनों के भीतर उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा नहीं करते हैं तो इसकी पूरी जिम्मेदारी आपकी होगी ।इस गंभीर लापरवाही को लेकर आप के खिलाफ विभागीय कार्यवाही संचालित करने को लेकर शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव को रिपोर्ट भेज दी जाएगी।

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